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ध्रुव अपहरण कांड : पिता गौरव ने कहा मेरे बेटे का नहीं हुआ था अपहरण, वह तो अशफाक के साथ घूमने गया था

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मुरादाबाद। शहर के चर्चित ध्र्रुव अपहरण कांड में नया मोड़ आ गया है। ध्रुव के पिता गौरव ने जबरदस्त यू टर्न मारा है। पत्नी शिखा को सलाखों से बाहर निकलवाने के लिए अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की है। जिसमें दिए गए शपथ पत्र में गौरव ने लिखा है कि उसके बेटे ध्रुव का अपहरण नहीं हुआ था। न ही उनसे किसी ने कोई फिरौती की मांगी थी। अशफाक से हमारे पारिवारिक संबंध हैं। वह मेरे बेटे को घुमाने के लिए ले गया था, लेकिन पुलिस ने इस मामले में वाहवाही लूटने के लिए अपहरण और फिरौती की झूठी कहानी बनाकर मेरी पत्नी को ही आरोपी बनाकर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। अदालत ने गौरव की अर्जी स्वीकार कर ली है। जिस पर ग्यारह सितंबर को सुनवाई होगी।
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मझोला थानाक्षेत्र के लाइन पार रामलीला निवासी गौरव कुमार के पांच साल के बेटे ध्रुव का अपहरण कर लिया गया था। पुलिस के मुताबिक गौरव को कॉल कर तीस लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। अगले दिन ध्रुव को गाजियाबाद में कौशांबी में बस में बैठा दिया गया था और वहां से उसके परिजन तथा पुलिस जाकर सकुशल ले आए।
18 अगस्त को पुलिस ने इस प्रकरण खुलासा कर दिया था। पुलिस का दावा था कि ध्रुव की मां शिखा ने अपने प्रेमी अशफाक निवासी तेलंगाना से ध्रुव को अगवा कराया था। कहा गया कि वह अशफाक के साथ ही फिरौती की रकम से सेटल हो जाना चाहती थी। पुलिस इस मामले में शिखा, अशफाक और कार चालक इमरान खान को जेल भेज चुकी है। मंगलवार को इस मामले में नया मोड़ आया गया। गौरव ने अपने अधिवक्ता अभिषेक शर्मा की जरिये पत्नी शिखा की बेल के लिए कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की है। जिसमें गौरव ने कहा था कि उसके बेटे का अपहरण नहीं किया गया था। अशफाक उसे घुमाने के लिए ले गया था। उससे हमारे पारिवारिक संबंध हैं। मेरी पत्नी अशफाक से बात करती थी। अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने जमानत अर्जी सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली है। अब इस अर्जी पर ग्यारह सितंबर को सुनवाई होगी।
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पुलिस ने झूठी कहानी रचकर मेरी पत्नी को फंसाया है। किसी ने भी मेरे बेटे का अपहरण नहीं किया गया था। न ही मेरे पास किसी का फिरौती के लिए फोन आया था। अशफाक से हमारे पारिवारिक संबंध हैं।
गौरव कुमार, ध्रुव का पिता
इस तरह के शपथ पत्र देने से जमानत में कोई मदद नहीं मिलती है। केस ट्रायल पर पहुंचने पर ही सबूत पेश किए जाते हैं। इस केस से संबंधित तमाम सुबूत पुलिस के पास हैं। हमारा पक्ष पूरी तरह से मजबूत है - प्रभाकर चौधरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
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