मुरादाबाद। चातुर्मास के समापन के साथ ही 12 नवंबर को देव जागेंगे। इसी के साथ ही मंगलवार से बैंडबाजों की धूम रहेगी। मंदिरों में भी पूजा-अर्चना के अलावा तुलसी विवाह के आयोजन होंगे।
देवोत्थान एकादशी को शादियों के लिए सबसे बड़ा मुहूर्त माना जाता है। इसकी वजह से इस दिन चारों तरफ रौनक रहती है। शादियों के लिए बैंक्वेट हॉल संचालक और अन्य कारोबारों से जुड़े लोगों में भी जबरदस्त उत्साह है। रामपुर रोड स्थित एक होटल के जनरल मैनेजर रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार को होटल में एक दिन में तीन शादियां होंगी। 13 दिसंबर तक 19 शादियों की बुकिंग है। टेंट आदि का काम रविवार से ही शुरू हो गया है। इस बार की शादियों में लोग विदेशी और वास्तविक फूलों की मांग कर रहे हैं। टेंट का रंग भी उनकी शादी की थीम के अनुसार करवाया गया है। वहीं कांठ रोड के जनरल मैनेजर डीपी सिंह ने बताया कि मंगलवार को शादी की बुकिंग है। इस बार की सभी शादियों में बरात चढ़त का समय रात नौ बजे से दस बजे के बीच का है। वहीं ब्यूटीशियन पिंकी सपरा ने बताया कि 12 नवंबर को तीन दुल्हनों का मेकअप किया जाएगा और उनके साथ उनकी सहेली व परिवार की महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि इस बार अल्ट्रा एचडी मेकअप की मांग है, क्योंकि यह मेकअप काफी ग्लो करता है। बालों की स्टाइल में कर्ल और जूड़ा ही है।
मंदिरों में होगा तुलसी विवाह
देवोत्थान एकादशी पर तुलसी विवाह के आयोजन होंगे। इसके लिए मंदिरों में भी खास तैयारियां की गई हैं। सिविल लाइंस स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अंबरीश पांडेय ने बताया कि इस दिन भक्त परिवार की सुख और समृद्धि के लिए भगवान विष्णु की आराधना करते हैं। बहुत से श्रद्धालु व्रत भी रखते हैं। देवोत्थान एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है और तुलसी की शालिग्राम से शादी कराई जाती है। मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु पूजा-पाठ के लिए पहुंचने लगेंगे।
एक साथ बन रहे तीन योग
ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि इस बार कार्तिक माह की एकादशी 11 नवंबर को शाम 6:46 बजे से लेकर 12 नवंबर को शाम 04:04 बजे तक रहेगी। ऐसे में 12 नवंबर को उदय तिथि में होने के कारण देवउठनी एकादशी का व्रत इसी दिन रखा जाएगा। पांचांग के अनुसार, देवउठनी एकादशी पर हर्षण योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग बन रहे हैं। ये तीनों योग बेहद शुभ हैं।