कांठ। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को देवी चंद्रघंटा की विधिविधान से पूजा-अर्चना की गई। महिलाओं ने ढोलक-मंजीरे के साथ भजन-कीर्तन कर देवी मां की आराधना की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने फलों का वितरण भी किया।
कांठ और छजलैट क्षेत्र में शनिवार को असुरों का संहार करने वाली देवी चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना के साथ उपवास रखकर सृष्टि के शुभ की कामना की गई। कांठ नगर के प्राचीन माता महाकाली मंदिर माता के थान, बमबटक रामलीला मंदिर, विशनपुरा शिव मंदिर, वैश्य शिव मंदिर, माहेश्वरी मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, श्री रामज्योति मंदिर, महर्षि वाल्मिकी मंदिर, घोसीपुरा स्थित शिव मंदिर आदि के साथ चामुंडा स्थलों पर महिला श्रद्धालुओं ने देवी को प्रसन्न करने के लिए ढोलक-मंजीरों संग कीर्तन किया। श्रद्धालुओं ने उपवास रखते हुए फलों का दान भी किया। शाम को विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए श्रद्धालुओं ने उपवास खोले। इधर, ग्रामीण क्षेत्रों में भी तीसरे नवरात्र पर श्रद्धालुओं ने देवी को प्रसन्न करने के लिए जतन किए। चामुंडा स्थलों पर भी महिलाओं ने विशेष पूजा-अर्चना की।