मुरादाबाद। शहर के विस्तार की तस्वीर अब आसपास के गांवों में भी दिखाई देगी। एमडीए के प्रस्तावित विकास क्षेत्र में शामिल 71 गांवों के करीब 146 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के लिए नया मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। यह मास्टर प्लान तय करेगा कि आने वाले वर्षों में किस क्षेत्र में आवासीय कॉलोनी विकसित होगी, कहां उद्योग लग सकेंगे, किस जमीन का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए होगा और किन क्षेत्रों में सड़क, जल निकासी व अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
मास्टर प्लान के लिए विस्तारित क्षेत्र में इन दिनों फील्ड सर्वे और तकनीकी अध्ययन चल रहा है। इसमें गांवों की आबादी, मौजूदा सड़क व्यवस्था, जल निकासी, बिजली-पानी की सुविधाएं, वर्तमान भू-उपयोग, औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के साथ ही भविष्य की विकास संभावनाओं का आकलन किया जा रहा है। प्रस्तावित क्षेत्र में अमरोहा तहसील के 16, कांठ तहसील के 18, मुरादाबाद तहसील के 34 और संभल तहसील के तीन गांव शामिल हैं। इनमें अमरोहा तहसील के ढकिया, पतेई खालसा, चकदीपपुर, बुढ़नपुर, जिवाई, दीपपुर, अमेरा, सलीमपुर नवादा, नौरंगी, औरंगाबाद, पांयतीपुर कला, करनपुर, चौधरपुर समेत 16 गांव शामिल हैं। कांठ तहसील के किशनपुर, कुरी रवाना, भीकनपुर असदलपुर, खलीलपुर अमरू, नजरपुर, कुचावली, मधपुरी, जमालपुर मादी नगला, शाहपुर मुकर्रमपुर, लदावली समेत 18 गांव प्रस्तावित क्षेत्र का हिस्सा होंगे। मुरादाबाद तहसील के बरीपुर, पल्लूपुरा घोसी, नगला बनवीर, लोधीपुर राजपूत, धनुपुरा, गिंदौड़ा, सेहरिया, सिहोरा बाजे, मूंढापांडे, हरसैनपुर, भदासना, दौलारा, दलपतपुर, चमरौवा, खानपुर लक्की, नियामतपुर इकरोटिया समेत 34 गांव शामिल हैं। संभल तहसील के इटायला माफी, पैतिया माफी और मालपुर उर्फ मल्हपुर को भी प्रस्तावित विकास क्षेत्र में रखा गया है।
पहले से मौजूद विकास का भी होगा आकलन
मास्टर प्लान केवल खाली जमीन को देखकर तैयार नहीं होगा। क्षेत्र में पहले से मौजूद आवासीय इलाकों, औद्योगिक इकाइयों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, बाजारों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का भी अध्ययन किया जा रहा है। इसके साथ परिवहन व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं की स्थिति को भी देखा जा रहा है।
मास्टर प्लान स्वीकृत होने के बाद विस्तारित क्षेत्र में विकास कार्य निर्धारित भू-उपयोग के अनुसार ही किए जा सकेंगे। भवनों के नक्शे, नई कॉलोनियां, आवासीय परियोजनाएं, औद्योगिक इकाइयां और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की अनुमति भी तय भू-उपयोग के अनुरूप मिलेगी। ऐसे में इन 71 गांवों में जमीन खरीदने, कॉलोनी विकसित करने या निवेश करने वालों के लिए मास्टर प्लान बेहद महत्वपूर्ण होगा।
वर्जन
यह प्लान नियोजित विस्तार शहर के अनियंत्रित फैलाव को रोकने और आवास, सड़क, जल निकासी, रोजगार तथा अन्य सुविधाओं को भविष्य की जरूरत के हिसाब से विकसित करने की दिशा के लिए बनाया गया है। आने वाले वर्षों में मुरादाबाद की शहरी सीमा के आसपास किस तरह का विकास होगा, इसकी बड़ी तस्वीर इसी मास्टर प्लान से सामने आएगी।
- अनुभव सिंह, वीसी एमडीए