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Moradabad News: डिस्पैच रजिस्टर देखा... पूरी हो गई फर्जी पंजीकरण की जांच

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मुरादाबाद। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी फर्जी पंजीकरण की जांच के मामले में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। कार्यवाहक सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल को मामले की जांच सौंपी थी। जबकि मामले के दो दिन बाद तक डिप्टी सीएमओ को पता ही नहीं था कि उन्हें जांच सौंपी गई है।
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शुक्रवार को जब उन्हें मामले का पता चला तो उन्होंने कार्यालय का डिस्पैच रजिस्टर देखा। इसमें फर्जी पंजीकरण कराने वाले का नाम व पता नहीं था। इससे स्पष्ट हुआ कि पंजीकरण सीएमओ कार्यालय का नहीं है। बस फिर रजिस्टर बंद हो गया और जांच भी पूरी हो गई। डिप्टी सीएमओ का कहना है कि जब पंजीकरण सीएमओ कार्यालय से हुआ ही नहीं तो हमारी जांच भी नहीं बनती। उन्होंने कहा कि वह एसएसपी को पत्र लिखेंगे कि कोई सीएमओ कार्यालय के नाम पर बीएनवाईएस डिग्री धारकों को फर्जी पंजीकरण दे रहा है। अब यह पुलिस का काम है कि आरोपी को खोजे। जबकि फर्जी पंजीकरण वाले पते पर जाकर यह जानकारी ली जा सकती थी कि यह फर्जीवाड़ा किया किसने।

अब भी सक्रिय है ठग
बीएनवाई डिग्री धारकों को मुरादाबाद में तैनात रहे एसीएमओ डॉ. अजय शर्मा के नाम के हस्ताक्षर वाला पंजीकरण देने वाला ठग अब भी सक्रिय है। अब भी वह व्हाट्सएप के जरिये लोगों से बात कर रहा है। इतना ही नहीं पंजीकरण की पूरी जिम्मेदारी ले रहा है। व्हाट्सएप पर ज्यादा बात करने की बजाय वह लोगों से कहता है कि आकर मिल लेना, काम हो जाएगा। इसके लिए 25 हजार रुपये लगेंगे। इस पर प्रश्न उठ रहे हैं कि कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की हीलाहवाली के कारण ही ठगों के हौसले बुलंद हैं।
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सीएमओ बोले आज मौके पर जाकर कराएंगे जांच
इस मामले में कार्यवाहक सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह का कहना है कि डिप्टी सीएमओ पारिवारिक कारणों से मौके पर जाकर जांच नहीं कर पाए। शनिवार को वह मौके पर जाएंगे और पता लगाएंगे कि आखिर फर्जी पंजीकरण दिया किसने है। इसके बाद आरोपी के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी जाएगी।
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