आठ मार्च को जेल से छूटा था अविरल
मूलरूप से बरेली के सुभाष नगर निवासी अविरल(30) ने स्नातक तक पढ़ाई की है। पहले उसके पिता की तैनाती मुरादाबाद में थी। इसी दौरान उसकी दोस्ती नीशू से हो गई थी। अविरल के पिता की मृत्यु के बाद उसकी मां को मृत आश्रित कोटे से नौकरी मिल गई। वह सहारनपुर में तैनात हैं। मां और परिवार के अन्य लोग देवबंद में ही रहते हैं, लेकिन अविरल का मुरादाबाद में आना जाना था।
यहां उसने चोरी की कई वारदातें की हैं। कुछ दिन पहले उसे मझोला थाने की पुलिस ने जेल भेजा था, लेकिन आठ मार्च को जेल से छूटने के बाद उसने अपने साथी नीशू (28)के साथ बाइक चोरी की। इसके बाद लूटपाट की घटना को अंजाम देने की फिराक में जुट गए थे। अविरल के खिलाफ नौ केस दर्ज हैं, जबकि नीशू के खिलाफ पांच केस दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों से बाइक, कुंडल, तमंचे, कारतूस और अन्य सामान बरामद किए हैं।