मुरादाबाद। मीटिंग में मुख्य विकास अधिकारी मृदुल चौधरी से उलझना उपायुक्त (स्वत: रोजगार) मनीष कुमार को महंगा पड़ा। डीएम की रिपोर्ट पर शासन ने उन्हें शनिवार को निलंबित कर दिया हैै। सीडीओ की शिकायत पर डीएम ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर दी थी। मनीष कुमार डीसी मनरेगा का कामकाज भी देख रहे थे।
पांच दिन पूर्व विकास भवन सभागार में सीडीओ मृदुल चौधरी अधिकारियों की मीटिंग ले रहे थे। मीटिंग के दौरान सीडीओ ने ब्लाक में शौचालय सत्यापन व अन्य विकास कार्यों की समीक्षा की थी। शौचालय सत्यापन व अन्य विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट सही न होने पर सीडीओ ने नाराजगी जताई। बैठक में मौजूद उपायुक्त स्वत: रोजगार को सीडीओ की नाराजगी नागवार गुजरी और मीटिंग में खड़े होकर इसका विरोध किया। इसको लेकर सीडीओ व उपायुक्त स्वत: रोजगार के बीच नोकझाेंक भी हुई। बाद में सीडीओ मीटिंग छोड़ चले गए तथा उनमें से आफिस में मिलने को कहा। डीसी सीडीओ से मिलने नहीं पहुंचे थे। इस मामले से सीडीओ ने डीएम को अवगत कराया तथा लिखित में शिकायत की। डीएम राकेश कुमार ने शासन को पत्र भेजकर कार्रवाई की संस्तुति की। मीटिंग में माहौल बिगाड़ने, उच्च अधिकारी की बात न मानने के मामले में शासन ने डीएम की रिपोर्ट पर उपायुक्त स्वत: रोजगार को निलंबित कर दिया है। निलंबन पत्र जिला प्रशासन को मिल गया है। डीएम ने निलंबन की पुष्टि की है।
उपायुक्त स्वत: रोजगार मनीष कुमार को शासन ने निलंबित कर दिया है। मीटिंग में उच्चाधिकारी के साथ गलत व्यवहार के मामले में शासन स्तर से कार्रवाई की गई है- राकेश कुमार सिंह, जिला अधिकारी।