भारत बंद के समर्थन में बुधवार दोपहर आंबेडकर पार्क सिविल लाइंस में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की जुटान हुई। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने अचानक आंबेडकर पार्क जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाकर यातायात रोक दिया। इसके बाद सिविल लाइंस चौराहा, पीएसी तिराहा, पीलीकोठी चौराहा, फव्वारा तिराहा, कपूर कंपनी तिराहा, जैन मंदिर तिराहा, गुरहट्टी चौराहा पर जाम लग गया। दिल्ली रोड पर कांशीराम नगर गेट से कपूर कंपनी तक वाहनों की कतार लग गई। वहीं गुरहट्टी से पीलीकोठी तक वाहन रेंगने लगे। इस बीच स्कूलों की छुट्टी होने पर स्थिति और बिगड़ गई। जाम का आलम यह रहा है कि पीतलनगरी बस अड्डे से ऑटो से दिल्ली रोड पहुंचने पर लोगों को डेढ़ घंटे लग गए। हर चौराहे पर बैरिकेडिंग होने से वाहन आगे नहीं बढ़ पाए। टै्रफिक का सारा बोझ दिल्ली रोड और कांठ रोड पर बढ़ने से शहर की प्रमुख सड़कों पर भी जाम की स्थिति बन गई।
गाड़ियों को कंपनीबाग होते हुए डीआरएम कार्यालय के रास्ते निकाला गया। करीब दो घंटे तक पूरा शहर जाम से जूझता रहा। दोपहर दो बजे के बाद प्रदर्शनकारियों की भीड़ कम होने पर पुलिस ने वाहनों को जाम से निकालना शुरू किया। पुलिसकर्मियों का कहना था कि अधिक संख्या में ट्रैक्टरों और छोटे माल वाहक वाहनों के आने से यातायात अनियंत्रित हो गया है। लोगों का कहना था कि पुलिस ने एक दिन पहले रूट डायवर्जन के लिए नियमानुसार घोषणा नहीं की थी।
जाम से बिलबिलाए स्कूली बच्चे, मरीजों का फूला दम
मुरादाबाद। भारत बंद के समर्थन में प्रदर्शन को लेकर पुलिस की ओर से अचानक की गई बैरिकेडिंग से लगे जाम में फंसे स्कूली बच्चे बिलबिला उठे और मरीजों के दम फूल गए। स्कूलों में बच्चे जाम में फंसे अभिभावकों का इंतजार करते रहे। वहीं अस्पताल तक पहुंचने में मरीजों को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
भारत बंद के समर्थन में आंबेडकर पार्क सिविल लाइंस में आयोजित रैली में शामिल होने के लिए बुधवार सुबह लोग ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों से पहुंचने लगे। पुलिस ने जितना अनुमान लगाया था। उससे कहीं अधिक भीड़ आंबेडकर पार्क के पास जुट गई। पुलिस बैरकेडिंग कर पीलीकोठी से महिला थाने की तरफ जाने वाले वाहनों को रोक दी। वहीं सिविल लाइंस चौराहे पर भी बैरिकेडिंग लगा दी गई। अभिभावकों को नहीं पहुंचने और ऑटो ई-रिक्शा नहीं मिलने पर बच्चे पैदल ही घर निकल गए। यही हाल मरीजों का रहा है। मरीजों को पीलीकोठी से पैदल ही जिला अस्पताल और महिला अस्पताल जाना पड़ा।
- पत्नी के साथ बच्चे का इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल जा रहा था। पुलिस ने पीलीकोठी चौराहे पर ही बाइक रोक दी। बाद में बाइक किनारे खड़ी कर पीलीकोठी से पैदल ही पत्नी और बच्चे के साथ अस्पताल पहुंचा। - धर्म सिंह, लालखेड़ा
- बच्चे की स्कूली छुट्टी होने पर उसे लेने जा रहा था। पीलीकोठी पर ही पुलिस ने रोक दिया। काफी इंतजार के बाद भी जाम नहीं खुला तो बाइक वहीं खड़ी कर दी। इसके बाद पैदल ही बच्चे को लेने स्कूल पहुंच गया। - करन, अभिभावक
- पुलिस ने पीलीकोठी से आगे जाने नहीं दिया। चौराहे पर ही बैरिकेडिंग लगाकर बाइक रोक दी। जबकि बच्चे की स्कूल की छुट्टी हो गई थी। वह इंतजार कर रहा था। ऑटो और ई-रिक्शा भी आगे नहीं जा रहे थे। - शिव, अभिभावक
भीड़ का अनुमान लगाने में खुफिया तंत्र फेल
- पुलिस अधिकारियों ने रैली को हल्के में लिया। एक दिन पहले तक ट्रैफिक को लेकर कोई प्लान तैयार नहीं किया गया। अचानक बैरीकेडिंग कर वाहनों को रोक दिया गया। इससे जाम की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस को अनुमान था कि दो या तीन सौ लोगों की भीड़ आएगी लेकिन खुफिाया तंत्र फेल हो गया। उनके अनुमान से अधिक भीड़ पहुंच गई।