खड़गपुर बाजे गांव निवासी शिकायत कर्ता विशेष सिंह चौहान के प्रार्थनापत्र पर जिले की तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच की थी। जांच में 22 लाख से अधिक के गबन का मामला प्रकाश में आने पर डीएम ने दो ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया। साथ ही ग्राम प्रधान की वित्तीय शक्तियां वापस ले ली। विशेष सिंह चौहान ने फिर मंगलवार को डीएम मानवेंद्र सिंह को एक अन्य प्रार्थना पत्र दिया। आरोप लगाया कि अभी गबन से जुड़ा एक और सचिव छूट गया है। इस मामले में तीनों सचिव दोषी हैं। इस मामले में मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में एक टीम गठित कर उसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही गबन के आरोप में ग्राम प्रधान खड़गपुर बाजे के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। सरकार की उद्देश्य है कि गबन के आरोपियों को किसी कीमत पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। जांच के दौरान इस मामले में अन्य तथ्य आने की संभावना है।