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दिल्ली की ट्रेनें खाली, पूर्वांचल की ट्रेनों में एक सप्ताह नहीं जगह

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मुरादाबाद। लॉकडाउन का डर प्रवासियों को अपने घरों को लौटने पर मजबूर कर रहा है। नतीजतन पूर्वांचल की ओर चलने वाली ट्रेनों में सप्ताह भर तक लंबी प्रतीक्षा सूची है। वहीं दूसरी ओर दिल्ली की तरफ चलने वाली ट्रेनें खाली हैं। इन ट्रेनों को 50 फीसदी यात्री भी नहीं मिल रहे हैं। बनारस, प्रयागराज, पटना, सीतामढ़ी, राजगीर आदि विभिन्न जनपदों के वे लोग जो दिल्ली, उत्तराखंड आदि राज्यों में रहकर नौकरी करते हैं वे अपने घरों को लौट रहे हैं।
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एक तरफ दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों में जहां एक हजार से अधिक सीटें खाली हैं। वहीं, दूसरी ओर मुरादाबाद से पटना जाने वाली ट्रेनों में प्रतिदिन डेढ़ सौ तक वेटिंग है। इसके बावजूद टिकट बुक कराने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है।
स्थिति यह है कि तत्काल टिकट की बिक्री भी मिनटों में पूरी हो जा रही है। लोग नौकरी छोड़ कर अपने घरों को लौट रहे हैं। बिहार जाने वाली ट्रेनों के इंतजार में लोग 36 घंटे पहले तक स्टेशन पर आकर इंतजार कर रहे हैं। भीतर प्रवेश ना मिलने पर हॉल में जमीन पर सोने को मजबूर हैं। इनमें से कुछ उत्तराखंड के देहरादून, काशीपुर, रामनगर में मजदूरी करते हैं तो कुछ लोग मुरादाबाद की विभिन्न फर्मों में नौकरी करने वाले हैं।
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इन लोगों का कहना है कि कोरोना संक्रमण की स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। इसके कारण उन्हें डर है कि कहीं फिर से पूरी तरह लॉकडाउन न लग जाए। यही डर इन लोगों को अपने घर लौटने पर मजबूर कर रहा है। हालांकि प्रदेश सरकार पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी है कि प्रदेश में संपूर्ण लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। इसके बावजूद कामगार लोग सब कुछ छोड़कर अपने घर लौट जाना चाहते हैं। उनका कहना है कि जिंदगी रही तो फिर मेहनत मजदूरी कर लेंगे, लेकिन इस महामारी काल में अपने घरों को लौटना ही उचित है। इसका नतीजा यह है कि पूर्वांचल जाने वाली ट्रेनों में लोगों को कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है।
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