मुरादाबाद। जनपद में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए जनपद के न्यायालयों में वीडियो कांफ्रेंस के जरिए कार्य करने के आदेश पारित किए हैं। उच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि मूल क्षेत्राधिकार के न्यायालय न्यायिक कार्यवाही सामान्य रूप से वीडियो कांफ़्रेस के माध्यम से निष्पादितकरेंगे। आदेश में कहा गया है कि नोडल अधिकारी कंप्यूटर एवं सिस्टम ऑफिसर ई मेल बनाकर उसे न्यायालय की बेवसाइट पर अपलोड करेंगे और ईमेल के माध्यम से जमानत प्रर्थना पत्र अग्रिम जमानत, व अति आवश्यक प्रार्थना पत्रों को प्राप्त करने में उपयोग किया जायेगा। न्यायालयों में मात्र चार कुर्सी ही रखी जाएंगी तथा न्यायालय में प्रवेश करने वाले प्रतेयक व्यक्ति द्वारा मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग करना होगा। सभी न्यायालयों के पीठासीन अधिकारी अपने अपने न्यायालय में कार्यरत कर्मचारी में से मात्र 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति रोस्टर के रूप में सुनिश्चित करेंगे। मुख्यालय से बाहर जाने से पूर्व न्यायिक अधिकारियों को अनुमति लेनी होगी।किसी प्रकार की भीड़ न्यायालयों में एकत्र न हो। इस बात का भी विशेष ध्यान रखना होगा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया गया है कि वह अपने अधीनस्थ मजिस्ट्रेट को विचाराधीन बंदियों के रिमांड कार्यवाही बंध पत्र एवं रिहाई आदेशों का सत्यापन कार्य सम्पादित करने के लिए नामित करेंगे। ब्यूरो