मुरादाबाद। कुंदरकी नगर और ग्रामीण इलाके में डेंगू बुखार का प्रकोप दिन व दिन बढ़ता जा रहा है। कुंदरकी ब्लाक क्षेत्र के विशाल आबादी वाले ग्राम महमूदपुर माफी में डेंगू बुखार के प्रकोप से एक मैकेनिक की मात्र दो दिन में ही जान चली गई जबकि इससे पहले भी कई लोगों की मौतें हो चुकी है और बड़ी संख्या ग्रामीण बीमार चल रहे है।
कुंदरकी ब्लाक क्षेत्र के महमूदपुर माफी निवासी मैकेनिक मोहम्मद फहीम 28 वर्ष पुत्र रमजानी को दो दिन पहले अचानक तेज बुखार आया तो उसकी तेजी से हालत बिगड़ी तब परिजन बेचैन हो उठे। फहीम को उपचार के लिए संभल जिले के सिरसी कस्बे के एक निजी अस्पताल ले गए और यहां पर भर्ती कराया दिया गया। खून की जांच में फहीम को डेंगू बुखार होने की पुष्टि हुई लेकिन चिकित्सक इलाज से कोई आराम नहीं हुआ। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए मुरादाबाद के सांई अस्पताल भी ले गए लेकिन मैकेनिक की जान नहीं बच सकी। मैकेनिक फहीम का शव जब शुक्रवार को ग्राम महमूदपुर माफी में उसके घर पर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया वहीं पति का शव देखकर पत्नी बेहाल हो उठी वहीं शव को देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। हर कोई मैकेनिक की आकस्मिक मौत पर दुख जाहिर करता नजर आया। इससे पहले भी महमूदपुर माफी में डेंगू बुखार के प्रकोप से कई ग्रामीणों की मौतें हो चुकी है। एक मासूम बालिका ने इलाज के दौरान दिल्ली के अस्पताल में दम तोड़ा था। अभी महमूदपुर माफी गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण बुखार के प्रकोप से जूझ रहे है जोकि निजी अस्पतालों में भर्ती होकर झोलाछाप चिकित्सकों से मंहगा इलाज कराने को मजबूर है। जागरूक ग्रामीणों का कहना था कि बुखार का प्रकोप लोगों की जान ले रहा है लेकिन स्वास्थ्य विभाग मौन धारण किए हुए है। ऐसे हालात में लगातार स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगने चाहिए।