गांव भायपुर स्थित एक धार्मिक स्थल के पास मृत गोवंशीय पशु मिलने की सूचना पर पहुंचे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने गोकशी का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सीओ राजेश कुमार ने कार्रवाई का आश्वासन देकर हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया। पुलिस ने जेसीबी की मदद से गड्ढा खोदवाकर मृत पशु को दबवा दिया।
क्षेत्र के गांव भायपुर में धार्मिक स्थल की करीब 20 बीघा भूमि है। भूमि पर बाबा कमलानंद की समाधि बनी है। बुधवार सुबह कुछ किसानों ने समाधि के पास एक मृत गोवंशीय पशु पड़ा देखा। कुछ दी देर में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। बजरंग दल समेत तमाम हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता गांव पहुंच गए और हंगामा करने लगे। विश्व हिंदू परिषद के जिला सहमंत्री पंकज सिंह व जिला प्रमुख विधि प्रकोष्ठ साजन शर्मा भी मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने कहा कि सावन माह में कुछ लोगों ने जानबूझकर जंगल में घूम रहे छुट्टा गोवंशीय पशु को काटने का आरोप गांव के ही व्यक्ति और उसके रिश्तेदारों पर लगाया। उन्होंने गांव के प्रधान पर भी गंभीर आरोप लगाए। सूचना पर पुलिस और पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे। जांच में गोवंशीय पशु का शव होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने जांच के बाद शव को जेसीबी से गड्ढा खोदवाकर दफन करा दिया।
आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने गांव भायपुर निवासी बब्बू और मलपुरा लक्ष्मीपुर निवासी तस्लीम व सरफराज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपियों की तलाश में उनके ठिकानों पर छापे मारे, लेकिन आरोपी नहीं मिले। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राजीव चौधरी ने बताया आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने गांव के प्रधान पर गोशाला न बनवाने का भी आरोप लगाया।