कांठ। कस्बे के पट्टी मौढ़ा स्थित महर्षि दयानंद इंटर कॉलेज में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन शनिवार को रासेयो स्वयंसेविकाओं ने गांव गुलड़िया और स्वयंसेवकों ने मौढ़ी हजरतपुर में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत जागरूकता रैलियां निकाली। जिनका शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य मदन सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया।
इस दौरान स्वयंसेवकों एवं स्वयंसेविकाओं ने पहले सत्र में दोनों गांवों में घर-घर जाकर बेटियों को सुशिक्षित बनाकर उन्हें बेटों की तरह विकास के समान अवसर प्रदान करने के लिए जागरूक किया। इसके बाद दूसरे सत्र में विद्यालय में हुई बौद्धिक संगोष्ठी में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) कांठ की प्रवक्ता शशि ने मुख्य अतिथि के रूप में संगोष्ठी की शुरूआत की। यहां स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय सेवा योजना के लक्ष्य गीत के साथ ही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ से संबंधित कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
मुख्य अतिथि ने कहा कि बेटियां प्रकृति की सुंदरतम रचना हैं और आज के समय में बेटियां किसी तरह से बेटों से कम नहीं हैं, इसलिए बेटा और बेटी में कोई भी फर्क नहीं समझना चाहिए। प्रधानाचार्य मदन सिंह ने बेटियों को बेटों के समान अधिकारों का अधिकारी बताया और यह भी कहा कि वर्तमान समय में बालिकाएं सभी क्षेत्रों में अपनी योग्यताओं का लोहा मनवा रही हैं। अंत में मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। संचालन निशिकांत पाठक ने किया। यहां राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी पदम सिंह, छात्रा इकाई की कार्यक्रम अधिकारी ऊषा सिंह, अतवीर सिंह त्यागी, भानु प्रताप सिंह, सुंदर सिंह, रानी राणा, रश्मि शर्मा, अशोक कुमार, ओम प्रकाश सिंह, गजेंद्र प्रताप सिंह राणा, पीताम्बर सिंह आदि रहे।