पूर्व सपा विधायक अब्दुल्ला आजम के उम्र निर्धारण मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है। इस मामले में बुधवार को भी तारीख लगा दी गई। अब इस मामले में 31 जनवरी को फैसला सुनाया जा सकता है।
सोलह साल पहले दो जनवरी 2008 को छजलैट थाने के सामने वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने आजम खां की गाड़ी रुकवा ली थी। जिसे लेकर जमकर हंगामा हुआ था। इस मामले में आजम खां और अब्दुल्ला आजम समेत कई सपाइयों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इस मामले में मुरादाबाद की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम को दो- दो साल की सजा सुनाई थी। शेष आरोपियों को मुकदमे से साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया था। अबदुल्ला आजम ने सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। जिसमें उन्होंने कहा कि वह घटना के वक्त नाबालिग थे।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा जनपद न्यायाधीश मुरादाबाद को आदेशित किया गया कि वह अब्दुल्ला आजम की उम्र का निर्धारण कर रिपोर्ट भेजें। जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन गुप्ता एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल और मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि शनिवार को जनपद न्यायाधीश डॉ. अजय कुमार ने दोनों पक्षों की ओर से बहस सुन ली गई थी। जिसमें अब्दुल्ला आजम और अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे से संबंधित रिकाॅर्ड अदालत में पेश किए गए थे। जनपद न्यायाधीश ने मामले में आगामी कार्यवाही के लिए 31 जनवरी लगा दी है।