मुरादाबाद। पंडित नगला बाईपास पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज के पिलरों के साथ बेस का काम शुरू हो गया है, लेकिन निर्माण कार्य में भारी वाहन खतरा बने हुए हैं। सेतु निगम ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए जिला पुलिस से भारी वाहनों को रोकने का अनुरोध किया था, जिस पर अमल नहीं हुआ। पुलिस द्वारा डायवर्जन प्लान लागू नहीं करने से समस्या बढ़ती जा रही है।
पंडित नगला बाईपास पर एक अरब की लागत से रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य जारी है। निर्माण कार्य के कारण सेतु निगम की तरफ से रोड के बीच में लोहे की चादर से बैरीकेडिंग की गई है। अभी दस पिलर कुछ दिनों में तैयार हो जाएंगे। पुल के लिए 16 पिलरों की जरूरत है। पुल का बेस बनाने के लिए शटरिंग का कार्य चल रहा है। दो दिन पहले भारी वाहनों की वजह से पिलरों के गड्ढों में पत्थर चले गए। निर्माण कार्य में लगे कर्मचारियों का कहना है कि भारी वाहनों के कारण खतरा बना रहता है। फिर भी भारी वाहनों का संचालन जारी है। इस बारे में सेतु निगम के पीडी ने बताया कि ड्रिलिंग के साथ पिलरों का निर्माण कार्य जारी है। भारी वाहनों को रोकने के लिए डीएम से बात की जाएगी। अब भारी वाहनों को रोकना जरूरी हो गया है। तीन माह पहले डीएम ने पुलिस से भारी वाहनों पर रोक लगाने और डायवर्जन प्लान लागू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन त्योहारों का हवाला देते हुए पुलिस ने डायवर्जन प्लान लागू नहीं किया। डायवर्जन लागू होने पर भारी वाहन हनुमान मूर्ति तिराहे से काशीपुर तिराहा, जीरो प्वाइंट हाईवे से नीचे संभल की तरफ जाएंगे। इस रोड पर अब सिर्फ हल्के वाहनों के आवागमन की इजाजत होगी। पुल का निर्माण 18 माह में करने के लिए शासन ने लक्ष्य निर्धारित किया है। पुल का निर्माण एक अरब दो करोड़ की लागत से किया जा रहा है। इस पुल की लंबाई 854 मीटर और चौड़ाई 7.5 मीटर होगी।