एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में बुलाए गए भारत बंद के दौरान सोमवार को मुरादाबाद में जमकर बवाल हुआ। सड़क से लेकर ट्रैक तक दलित संगठनों का कब्जा रहा। पुलिस और आमजन के साथ बदसलूकी की गई। सड़कों पर वाहनों में डंडे मारे गए तो सवा तीन घंटे तक रेलवे स्टेशन के स्टार्टिंग सिग्नल के पास ट्रैक पर अपना कब्जा किया। यहां लिंक, मालगाड़ी और एक इंजन में तोड़फोड़ की गई। विरोध करने पर चालक को पीटा गया। डीएम और एसएसपी के मौके पर जाकर ज्ञापन देने के बाद ही लोग शांत हो सके।
इस दौरान मुरादाबाद रेल मंडल में 45 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। ट्रैक साफ होने के बाद ही ट्रेनों का संचालन शुरू हो सका। भीषण गर्मी में यात्री परेशान रहे। एससीएसटी एक्ट में तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ सोमवार को भारत बंद का एलान किया गया। मुरादाबाद में सोमवार सुबह से ही दलित संगठनों ने सड़कों पर जुलूस निकाले और केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
दूसरे शहरों में लोगों के ट्रैक पर आने की वजह से यहां मुरादाबाद में सवा दस बजे से ही ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया था। लोग हंगामा और नारेबाजी करते हुए अंबेडकर पार्क में एकजुट हुए। यहां दलित संगठनों के नेताओं ने संबोधित किया और सरकार के खिलाफ आंदोलन का एलान किया। इसके बाद लोगों ने शहर में रैली निकाली और कपूर कंपनी से रेलवे स्टेशन पर स्टार्टिंग सिग्नल के पास पहुंच गए और ट्रैक पर कब्जा लिया। मालगाड़ी और लिंक एक्सप्रेस पर पथराव कर दिया।
लिंक एक्सप्रेस के चालक ने भागकर अपनी जान बचाई। जबकि सहारनपुर जा रही मालगाड़ी के चालक धीरज को पीटा और उसे नीचे खींचने का प्रयास किया। हंगामा और बवाल की जानकारी मिलने पर जीआरपी, आरपीएफ और सिविल पुलिस मौके पर पहुंच गई। लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन लोग ट्रैक से हटने का तैयार नहीं हुए। उन्होंने डीएम और एसएसपी को ट्रैक पर आकर ज्ञापन लेने की मांग उठाई। अधिकारियों ने ट्रैक पर जाने से इंकार कर दिया। जिस कारण लोग भड़क गएऔर उन्होंने ट्रैक से हटने से इंकार कर दिया।
इस दौरान ट्रेनों को जहां तहां रुकवा दिया गया। सुहेल देव एक्सप्रेस, लिंक, सद्भावना, अर्चना, गरीब रथ और पुरबिया, अकाल तख्त ट्रेन और दो मालगाड़ी रोक दी गई। शाम सवा चार बजे डीएम राकेश कुमार सिंह ट्रैक के पास पहुंचे और उन्होंने ज्ञापन लिया। इसके बाद ही दलित संगठनों के लोग ट्रैक से हटे। इसके साढ़े चार बजे लिंक एक्सप्रेस और इसके बाद सुहेल देव को रवाना किया गया। मुरादाबाद रेल मंडल में जगह जगह हुए करीब 45 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।