मझोला के मानसरोवर कॉलोनी निवासी विजय कुमार गुप्ता रेलवे विभाग से सेवानिवृत्त हैं। उनकी इंजीनियर बेटी नेहा गुप्ता गाजियाबाद के मोदी नगर में रहती हैं। नेहा की मौसी अनु गुप्ता ने बताया कि सोमवार शाम करीब छह बजे नेहा के मोबाइल पर एक अंजान नंबर से कॉल गई थी। कॉल करने वाले ने नेहा से कहा कि आपके पिता ने आपका यूपीआई नंबर और मोबाइल नंबर दिया था। उन्होंने आपके खाते में पांच हजार रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा था। मैं रुपये ट्रांसफर कर रहा था जल्दबाजी में गलती से एक जीरो ज्यादा लग गया। जिस कारण 5 हजार की जगह 50 हजार रुपये चले गए हैं। आप ऐसा कीजिए पांच हजार रुपये अपने पास रख लीजिए, बाकी 45 हजार रुपये मेरे खाते में वापस कर दीजिए। नेहा के मोबाइल पर 50 हजार रुपये का एक मैसेज भी आया था। जिस कारण नेहा काे विश्वास हो गया और उन्होंने अपना एकाउंट चेक किए बिना ही 45 हजार रुपये आरोपी के बताए खाते पर ट्रांसफर कर दिए।
इसके बाद आरोपी ने कहा कि रुपये अब तक नहीं आए हैं। एक काम कीजिए पहले 40 हजार ट्रांसफर कीजिए। इसके बाद 5 हजार रुपये ट्रांसफर करना। नेहा आरोपी के झांसे में आकर 40 हजार रुपये और ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद पीड़िता ने अपना एकाउंट चेक किया तो 85 हजार रुपये गायब हो चुके थे। तब नेहा को एहसास हुआ कि उनके साथ साइबर ठगी हो गई है। तब नेहा ने अपने पिता को कॉल की। पिता ने नेहा को बताया कि उन्होंने किसी को नंबर नहीं दिया है। नेहा ने साइबर हेल्प नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत करने के साथ ही साइबर सेल में भी प्रार्थना पत्र दे दिया है।