मुरादाबाद। गजरौला के सेवानिवृत्त दरोगा मेघराज सिंह के खाते से दस लाख बीस हजार रुपये निकालने वाले दो साइबर अपराधियों को बिहार के जमुई से दबोच लिया। पुलिस दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर मुरादाबाद ले आई है। यहां दोनों से पूछताछ कर अन्य घटनाओं के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
अमरोहा जनपद के गजरौला थानाक्षेत्र के मोहल्ला गंगा नगर निवासी मेघराज सिंह पुलिस विभाग से दरोगा पद से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने आठ सितंबर 2022 को मुरादाबाद के साइबर अपराध थाने में केस दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि गजरौला की एसबीआई शाखा में उन्होंने दस लाख की एफडी ऑनलाइन करवाई थी। एफडी पांच जनवरी 2023 को पूरी होनी थी। साइबर अपराधियों ने उनकी एफडी तोड़ कर उसे निकाल लिया है। इसके अलावा खाते से बीस हजार रुपये भी निकाल लिए हैं।
शिकायत पर साइबर अपराध थाने की मुरादाबाद पुलिस ने इस मामले में जांच पड़ताल की। जिसमें बिहार के जमुई निवासी रंजन कुमार और अजय कुमार मंडल का नाम सामने आया। आरोपियों ने सेवानिवृत्त दरोगा का मोबाइल नंबर पोर्ट कराकर इस घटना को अंजाम दिया था। पुलिस टीम बिहार के जमुई पहुंची और अजय कुमार मंडल और रंजन कुमार को जमुई में दबोच लिया। इसके बाद वहीं की कोर्ट से 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर दोनों को मुरादाबाद लाया गया है। साइबर अपराध थाने के निरीक्षक आरके सिंह ने बताया कि दोनों से पूछताछ की जा रही है।
गूगल से सर्च कर डॉक्टर का नंबर लेकर छात्र ने की कॉल, खाते से निकल गए बीस हजार
रामपुर के गंज थानाक्षेत्र में रहने वाले एक छात्र ने गूगल से डॉक्टर का नंबर लेकर कॉल की। कॉल किसी साइबर ठग ने रिसीव की। इसके बाद छात्र से पांच रुपये ट्रांसफर कराने के लिए कहा। जैसे ही छात्र ने पांच रुपये ट्रांसफर किए। उसके खाते से बीस हजार रुपये निकल गए।
छात्र ने बताया कि उसे मुरादाबाद के सिविल लाइंस क्षेत्र में क्लीनिक चलाने वाले एक डॉक्टर के यहां नंबर लगवाना था। छात्र को अपनी बहन को डॉक्टर को दिखाना था। उसने गूगल से डॉक्टर का नंबर सर्च कर कॉल की। कॉल उठाने वाले शख्स ने खुद को क्लीनिक से बोलने की बात कही। इसके बाद ठग ने उसे झांसा दिया गया कि उनका नंबर लग गया है। आप एक नंबर पर पांच रुपये ट्रांसफर कर दीजिए। छात्र ने जैसे ही उस लिंक को क्लिक किया। तब छात्र के खाते से बीस हजार रुपये किसी अन्य खाते में ट्रांसफर हो गए। इसके बाद साइबर ठग ने अपना मोबाइल नंबर बंदकर लिया।
अभियान चलाने के लिए शुक्रिया अमर उजाला,
मैं साइबर ठगी का शिकार होने से बच गया
मुगलपुरा निवासी अधिवक्ता मोहम्मद अब्बास ने बताया कि पांच दिसंबर को उनके पास एक अंजान नंबर से कॉल आई थी। वह मुझे अपना बेहद करीबी होना बता रहा था। मैंने कहा कि मैं उसको पहचानता नहीं हूं। तब उसने कहा की आप मुझे जानते हो और बताया कि वह इस वक्त ऐसी जगह हैं, जहां पर फोन पे काम नहीं कर रहा और मैं तुम्हारे नंबर पर पैसे भेज रहा हूं। मैंने मना किया तो कॉल करने वाले ने कहा कि कुछ मजबूरी है जब पैसे आप के अकाउंट में आ जाए तो उनको अपने पास रख लेना। मैं जब बाहर से आऊंगा तो आप से ले लूंगा। फिर कहा कि आप कॉल चालू रखिए 25000 रुपये का मैसेज आएगा। 15000 रुपये मेरे नंबर पर भेज दीजिए। बाकी 10000 रुपये कुछ दिनों के बाद ले लूंगा। उसी वक्त मुझे अमर उजाला द्वारा चलाए जा रहे साइबर ठगी के प्रति जागरूक अभियान पर ध्यान गया। इसके बाद मैंने कॉल डिस्कनेक्ट कर दी।