नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में मुरादाबाद के ईदगाह मैदान में चल रहे धरने के तीसरे दिन जुमे की नमाज के बाद भीड़ फिर से मैदान डट गई। इसके अलावा शुक्रवार को कांग्रेस, सपा, भाकपा (माले) समेत कई संगठनों के नेता भी आंदोलनकारियों के बीच पहुंचे और उन्होंने अपना समर्थन व्यक्त करते हुए सीएए वापस न होने तक आंदोलन जारी रखने का आह्वान किया।
इस धरने में शुरू में जुमा होने के कारण आंदोलन स्थल पर सुबह के समय भीड़ कुछ कम दिखाई दी पर नमाज खत्म होते ही शहर के विभिन्न मोहल्लों से लोग हाथ में तिरंगे तथा नारे लिखी तख्तियां ईदगाह मैदान पर पहुंच गए। महिलाएं भी घरों से निकलकर थोड़ी-थोड़ी संख्या में ईदगाह पहुंचती रहीं। यह सिलसिला सायं तक जारी रहा। मुरादाबाद देहात विधायक हाजी इकराम धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को अपना समर्थन व्यक्त किया।
विधायक ने कहा कि आंदोलन का मकसद सरकार के संविधान विरोधी कार्य का संविधान के दायरे में रहते हुए विरोध करना है। उन्होंने सीएए खत्म न होने तक आंदोलन जारी रखने का भी एलान अवाम से किया। लोकतंत्र बचाओ मोर्चा के संस्थापक हाजी इकबाल ने कहा कि देश में महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए सरकार सीएए लेकर आई है।
संविधान विरोधी इस कानून को वापस लेना ही होगा। कांग्रेस प्रदेश सचिव सचिन चौधरी ने कहा कि दो करोड़ लोगों को नौैकरी देने का वादा भाजपा ने किया था आज उसकी नीतियों ने ढाई करोड़ को बेरोजगार बना दिया। गन्ने का एक रुपया नहीं बढ़ाया, बिजली के दाम बढ़ गए। मजदूरी छीन ली गई, मनरेगा बंद कर दी गई। जनता इन मुद्दों पर सवाल न करे इसलिए सीएए लाकर उसका ध्यान बांटने का काम किया जा रहा है।
सभा को भाकपा (माले) जिला संयोजक रोहिताश राजपूत, सोसलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (एसयूसीआई) के विजयपाल सिंह ने, आयोजक मंडल के सदस्य वकी रशीद, मुस्तफा अली, आसिफ चौधरी, अधिवक्ता आरिफ ने भी संबोधित किया। संचालन चांद खां और एहतशाम खां ने संयुक्त रूप से किया।