सिविल लाइंस थानाक्षेत्र में कांठ रोड पर गांधी आश्रम के सामने शनिवार तड़के मिली लाश दीवान का बाजार निवासी शोभा दिवाकर के लापता बेटे अमर दिवाकर की थी। शनिवार रात परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर मृतक की पहचान अमर दिवाकर के रूप की। इसके बाद परिजन सिविल लाइंस थाने पहुंच गए और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। परिजन थाने के सामने सड़क पर बैठ गए और जाम लगा दिया। हंगामा बढ़ने पर कई थानों की फोर्स को बुला ली गई। आरोपी मयंक के खिलाफ हत्या का केस दर्ज होने के बाद ही परिजन शांत हुए। पुलिस ने मयंक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है।
नागफनी थानाक्षेत्र के दीवान का बाजार निवासी शोभा दिवाकर का बेटा अमर दिवाकर कांठ रोड पर पैंटालून शोरूम में नौकरी करता था। इस शोरूम पर बरवालान निवासी मयंक भी नौकरी करता है। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार की रात शोरूम के कर्मचारियों ने मधुबनी कालोनी में मैनेजर के घर पार्टी की थी।
इसके बाद करीब एक बजे मयंक और अमर दिवाकर स्कूटी से अपने घर के लिए मैनेजर के घर से निकले। इसके बाद मयंक अपने घर पहुंच गया। देर रात तक जब अमर दिवाकर घर नहीं पहुंचा तो परिजनों को चिंता सताने लगी। उन्होंने अमर की तलाश शुरू कर दी। लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पाया। मयंक से भी पूछताछ की गई। वह भी गुमराह करता रहा। उधर, शनिवार तड़के करीब तीन बजे कांठ रोड पर पुलिस को पचीस वर्षीय एक युवक लहूलुहान अवस्था में पड़ा मिला। पुलिस उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंची। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने लाश का अज्ञात में ही पोस्टमार्टम करा दिया। परिजनाें ने कोतवाली में युवक के लापता होने की जानकारी दी। तब पता चला कि कांठ रोड पर सुबह एक युवक की लाश मिली थी। परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंची और उन्होंने मृतक की पहचान अमर दिवाकर के रूप में की। इसके बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों के साथ ही उनके क्षेत्र के लोगों ने थाना घेर लिया और जमकर हंगामा किया। लोगों ने थाने के सामने जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी की। मयंक के खिलाफ केस दर्ज होने पर परिजन शांत हो गए। इसके बाद वह लाश लेकर लेकर चले गए।