यूपी से कैंटर पर ऑनली फार आर्मी लिखकर शराब तस्कर बिहार में शराब खपा रहे हैं। यूपी पुलिस ने मुरादाबाद के कुंदरकी में अवैध शराब का ऐसा ही जखीरा पकड़ा है। तस्कर भारतीय सेना की मुहर लगे दस्तावेज दिखाकर तस्करी कर रहे थे।
बिहार में शराबबंदी होने के कारण वहां पर शराब पहुंचाने के लिए शराब तस्करों ने नया तरीका इजाद कर लिया। वह हरियाणा की शराब की पेटियों से लदे वाहनों पर ‘ऑनली फॉर आर्मी’ की चिट चस्पा कर उन्हें बिहार पहुंचा रहे हैं।
इसके अलावा उन्होंने सेना की फर्जी मोहर और दस्तावेज तैयार करवाएं हैं। मैनाठेर पुलिस ने ऐसे ही गिरोह के दो सदस्यों को बुधवार को चेकिंग के दौरान 23 लाख की अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया है। इस संबंध में सेना के हेड क्वार्टर को भी रिपोर्ट दी जाएगी, जिससे की गिरोह के सभी सदस्यों को गिरफ्तार किया जा सके।
बिहार जा रहा था तस्करी का कैंटर
मैनाठेर कोतवाली में शराब से लदी डीसीएम।
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एसएचओ मैनाठेर ध्रुव कुमार ने बताया कि एक मुखबिर की सूचना पर बुधवार को वह अवैध शराब तस्करों की तलाश में वाहनों की चेकिंग करने लगे।
इस दौरान मैनाठेर में एक कैंटर के ऊपर संदिग्ध हालत में ‘ऑनली फॉर आर्मी’ लिखा देखा तो उसे रोक लिया। कैंटर चालक ने बताया कि वह आर्मी का सामान लेकर सिलीगुड़ी जा रहा है।
चालक ने कैंटर रोके जाने का विरोध जताया। आरोपी ने विश्वास जमाने के लिए आर्मी से मिला दस्तावेज बताकर एक पत्र भी दिखाया। इस दस्तावेज पर आर्मी की मोहर लगी थी, लोगो भी बना था।
एसएचओ ने बताया कि पत्र फर्जी लगा क्योंकि उस पर हस्ताक्षर गलत जगह किया गया था। कैंटर में लदे सामान को चेक किया गया तो उसमें हरियाणा मार्का की शराब लदी हुई थी।
इस संबंध में आरोपियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि कालू नामक युवक ने खरखौदा में उन्हें 16 हजार रुपये देकर कैंटर को बिहार पहुंचाने की जिम्मेदारी दी थी।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। आरोपियों के नाम कृष्ण कुमार निवासी झज्जर (हरियाणा) और विनोद निवासी कुरुक्षेत्र (हरियाणा) है। कृष्ण कुमार कैंटर चालक है, जबकि विनोद क्लीनर है।
एसएचओ ने बताया कि पकडे़ गए कैंटर में 292 पेटी अवैध शराब है, जिसकी कीमत 23 लाख रुपये है। इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।