मुख्य विकास अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर से छात्रवृत्ति का करोड़ों रुपया हड़पने के मामले में दो और आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी हुआ है। सिविल लाइन पुलिस दोनों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में कर्मचारी, बैंक प्रबंधकों और स्कूल प्रशासन की मिलीभगत से छात्रवृत्ति का 1 करोड़ 95 लाख रुपये का घोटाला किया गया।
छात्रवृत्ति घोटाले में नाखूनका के आनंद पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल सुरेंद्र सिंह की गिरफ्तार के बाद स्कूल के प्रबंधक धर्मानंद भटनागर और विभाग के पूर्व संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर राहुल कुमार के खिलाफ वारंट जारी हुआ है।
फर्जी हस्ताक्षर से छात्रवृत्ति के करोड़ रुपये हड़पने के खुलासे के बाद 25 जून 2016 को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने सिविल लाइन पुलिस थाने में आनंद पब्लिक स्कूल नाखूनका, आदर्श पब्लिक स्कूल मुरादाबाद, सकलैनी पब्लिक जूनियर हाईस्कूल कांकरखेड़ा और आस्था पब्लिक जूनियर हाईस्कूल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इन्हीं स्कूलों के खातों में रकम ट्रांसफर की गई थी।
इन स्कूलों के खाते एसबीआई सिविल लाइन, पीलीकोठी, करूला और भोजपुर की शाखाओं में हैं। इन बैंकों के अधिकारियों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस पूरे मामले की जांच कर रहे सिविल लाइंस थाने के नरेंद्र कुमार त्यागी ने बताया कि इस घोटाले में आरोपी पाये गये आनंद पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल सुरेंद्र सिंह की 1 सितंबर को की गिरफ्तार हो चुकी है। अब पुलिस धर्मानंद और राहुल को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दे रही है।