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रेलवे की बुकिंग साइट हैक कर बनाते थे टिकट, दो गिरफ्तार

Sat, 07 Jul 2018 02:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
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आरोपी युवक जो रेलवे की साइट हैक करके टिकट बुकिंग करते थे। - फोटो : अमर उजाला
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रेलवे क्राइम ब्रांच मुरादाबाद ने बुलंदशहर में साइबर कैफे में छापा मारकर टिकट बुकिंग साइट को हैक कर तत्काल टिकट बनाने वाले दो लोगों को दबोचा है। कैफे संचालक फरार है। क्राइम ब्रांच ने कैफे से 40 हजार रुपये की कीमत के 13 टिकट बरामद कर कंप्यूटर सिस्टम भी जब्त कर लिया।
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रेलवे क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अनिल कुमार के मुताबिक बुलंदशहर से रेलवे की साइट हैक कर तत्काल टिकट बुकिंग की जानकारी मिली थी। जिसकी आईटी सेल निगरानी कर रही थी। इसी सूचना पर बृहस्पतिवार को काला आम के पास साइबर कैफे पर छापा मारा गया। कैफे मालिक विकास चौधरी फरार हो गया।

कैफे से कृष्णा नगर निवासी अमित चौधरी और राजनगर निकट शनिदेव मंदिर निवासी वीरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में युवकों ने बताया कि साइबर कैफे से एसी क्लास का एक टिकट तीन सौ, पांच सौ रुपये अतिरिक्त में बेचते थे। जिनका भुगतान विकास चौधरी के खाते से  रेलवे को होता था। हापुड़ रेलवे थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 
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एक क्लिक  और तत्काल टिकट की बुकिंग

बुलंदशहर से गिरफ्तार हैकर आईआरसीटीसी से तत्काल रेलवे के टिकट बुकिंग कराकर लाखों रुपये महीना कमाते थे। साफ्टवेयर की मदद से एक क्लिक में जरूरत के हिसाब से तत्काल के टिकट बुक कराकर यात्रियों से मनमानी वसूली करते थे। रेलवे क्राइम ब्रांच गिरफ्तार युवकों से पूछताछ के आधार पर उनका नेटवर्क खंगालने में जुटी है।

क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अनिल कुमार के मुताबिक आलाआम चौराहा स्थित साइबर कैफे में लंबे समय से यह गोरखधंधा चल रहा था। साइबर कैफे संचालक विकास के पास ई-टिकट बुक करने का लाइसेंस भी नहीं है। अनिल कुमार के मुताबिक संचालक और गिरफ्तार दोनों कर्मचारी साफ्टवेयर की मदद से रेलवे रिजर्वेशन सिस्टम को हैक कर तत्काल में अपनी जरूरत के हिसाब से टिकट बुक करते थे।

रेलवे साइबर सेल से बचने के लिए अपने सिस्टम का पासवर्ड लगातार बदलते रहते थे। रेलवे क्राइम ब्रांच को आशंका है कि इनका नेटवर्क बड़ा हो सकता है। टिकट बुकिंग कराने वाले एजेंट भी इनसे जुड़े हो सकते हैं। इस पहलु पर भी छानबीन की जा रही है। अनिल कुमार ने बताया कि पकड़े गए दोनों युवक हाईस्कूल पास हैं। लेकिन कंप्यूटर के मास्टर हैं।

कैफे संचालक विकास के यहां लंबे समय से कमीशन पर नौकरी करते हैं। विकास चौधरी के बारे में क्राइम ब्रांच जानकारी जुटा रही है। हालांकि, छापामारी के बाद वह फरार है। टीम को कैफे से बरामद कंप्यूटर से कई और जानकारियां मिल सकती हैं। रेलवे की साइट हैक कर तत्काल टिकट बुकिंग के पूर्व में भी कई मामले पकड़ में आ चुके हैं। रेलवे के तमाम सतर्कता के बाद भी गिरोह सक्रिय हैं। रेलवे क्राइम ब्रांच ने अनाधिकृत रूप से संचालित साइबर कैफे की छानबीन शुरू कर दी है। 
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