कोतवाली से ट्रेजरी घोटाले के अभियुक्त की फरारी पर कोतवाल कमरूल हसन खां से पूरी तोहमत तहसील स्टाफ पर मढ़ी है। कोतवाल का कहना है कि तहसील स्टाफ ने बिना किसी लिखा -पढ़ी के सोनू को कोतवाली भेजा था। इंस्पेक्टर का कहना है कि वह बड़ा बकाएदार था तो तहसीलदार उसे तहसील की हवालात में रखते या फिर जिला कारागार भेजते। उसे थाने क्यों भेजा गया।
तहसीलदार राजेश कुमार का कहना है कि सोनू गिरी ट्रेजरी घोटाले का अभियुक्त है। इसी घोटाले की रकम वसूलने के लिए उसके खिलाफ चार लाख रुपये से ज्यादा की आरसी जारी है। संग्रह अमीनों ने बुधवार को जैसे ही सोनू को पकड़ा तो तुरंत इसकी सूचना ट्रेजरी घोटाले की जांच कर रहे एडीएम प्रशासन को दी गई। एडीएम और ट्रेजरी घोटाले के विवेचक के कहने पर ही सोनू को बिलारी पुलिस के सुपुर्द किया गया ताकि सिविल लाइंस पुलिस वहां से उसे ले जा सके।