हिस्ट्रीशीटर की कस्टडी डेथ की जिम्मेदार हजरतनगर गढ़ी थाने की पुलिस ने शबलू के साथ एक अन्य बदमाश के बेटे को भी थर्ड डिग्री दी थी। पिता का ठिकाना पूछने के लिए दूसरे पर भी डंडे बरसाए थे।
रोगा और सिपाही ने रातभर दोनों को पीटा था। सूत्रों ने बताया कि पुलिस टार्चर से शबलू की मौत के बाद पुलिस के हाथ पांव फूल गए थे। दूसरा कहीं इस घटना का चश्मदीद न बन जाए। लोगों के सामने अपनी जुबान न खोल दे, लिहाजा बिना लिखापढ़ी किए उसे भगा दिया था।
धमकी दी थी कि अगर उसने कहीं मुंह खोला तो उसे और उसके पिता को जेल में ठूंस दिया जाएगा। हजरत नगर गढ़ी थाने की पुलिस ने गुरुवार को सिरसी गांव से मढ़न निवासी शबलू उर्फ रफीकुल हसन को उठाया था। घटना के समय शबलू अपने मामा के घर सिरसी एक कार्यक्रम में शिकरत करने गया हुआ था।
पुलिस उसे वाहन चोरी के मामले में पूछताछ करने ले गई थी। इसके बाद अलावा पुलिस ने कुछ दिन पहले जेल से रिहा हुए ऑटो लिफ्टर की तलाश में उसके घर दबिश दी। शातिर वाहन चोर नहीं मिला तो पुलिस उसके बेटे को पकड़ कर थाने ले गई थी। पिता का ठिकाना पूछने के लिए पुलिस ने उसे भी टार्चर रूम में थर्ड डिग्री दी थी।
सूत्रों का दावा है कि पुलिस ने दोनों पर डंडे बरसाए थे। जबकि शबलू को बिजली का करेंट भी लगाया था। शुक्रवार को शबलू की मौत हुई तो पुलिस ने पहले इस घटना को थाने में ही दबाने का प्रयास किया। बाद में हालत बिगड़ने का बहाना लेकर शबलू को पुलिस वाले बिलारी थाने लेकर पहुंचे। लेकिन डाक्टरों ने उसका इलाज करने से इंकार कर दिया था।
डाक्टरों का दावा था कि शबलू की पहले ही मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद पुलिस के हाथ पैर फूल गए थे। पुलिस वालों ने हिरासत में लिए गए युवक को बिना कार्रवाई के ही उसके घर तक पहुंचाया। युवक से कहा कि वह इस घटना की जानकारी किसी को न दें। वरना उसके और उसके पिता को भी जेल भेज दिया जाएगा।
युवक के पिता पहले भी वाहन चोरी में जेल जा चुके हैं। लिहाजा उसने अपना मुंह बंद रखने में ही भलाई समझी। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि हजरत नगर गढ़ी थाने में युवक की मौत के मामले की जांच चल रही है। हर पहलू की गहराई से पड़ताल की जाएगी। घटना में जो भी दोषी पाए जाएंगे कार्रवाई की जाएगी