एमबीए की परीक्षा में हुआ फर्जीवाड़ा
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रकम दोगुना करने का झांसा देकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाली चिटफंड कंपनी के दूसरे डायरेक्टर लक्ष्मी शंकर अग्रवाल को मझोला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जबकि पुलिस ने इनकी निशानदेही पर चेकबुक, पास बुक एटीएम कार्ड और बैंकों से संबंधित तमाम कागजात बरामद किए हैं।
जबकि पुलिस लक्ष्मी शंकर की पत्नी सुषमा अग्रवाल को पहले ही जेल भेज चुकी है। नागफनी थानाक्षेत्र के चौरासी घंटा निवासी सुषमा देवी पत्नी लक्ष्मीशंकर अग्रवाल व उनके बेटे मोहित अग्रवाल ने वर्ष 2011 में तीन चिटफंड कंपनी बनाई थीं।
रैंप कैपिटल कंसलटेंसी इंडिया लिमिटेड, रैंप कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड और रैंप म्यूचुअल बेनिफिट्स इंडिया लिमिटेड के नाम से बनाई गई तीनों चिट फंड कंपनियों ने चार साल में रकम दोगुना करने का झांसा देकर पब्लिक से रकम बटोरी थी। दोनों मां- बेटे खुद तो डायरेक्टर थे ही, इन्होंने राकेश कुमार वर्मा पुत्र शांति प्रसाद वर्मा को भी डायरेक्टर नियुक्त कर रखा था।
कंपनी ने अपना आफिस बंद कर दिया तो निवेशकों और एजेंट्स में खलबली मची। इस मामले में एजेंट गजेंद्र सिंह पुत्र कालू सिंह ने मझोला थाने में सुषमा देवी और उनके बेटे मोहित अग्रवाल व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस सुषमा को पहले ही जेल भेज चुकी है।
मझोला प्रभारी राजेश द्विवेदी ने बताया कि रविवार को पुलिस ने लक्ष्मी शंकर अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और अन्य कागजात बरामद किए हैं। जबकि मोहित अग्रवाल अभी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।