कांठ के गांव में सात साल की मासूम की हत्या करने वाले दरिंदे मोबीन ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं। उसने पहले बच्ची की गला घोंटकर हत्या की। इसके बाद उसने लाश के साथ दुष्कर्म किया था। पिता के शक करने पर पुलिस ने उसे पकड़ा और पूछताछ की तो अपना गुनाह कबूल कर लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बच्ची के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई है।
सोमवार शाम क्षेत्र के एक गांव में स्कूल के पास कूड़ा डालने के लिए गई सात साल की बच्ची का शव धान के खेत में पड़ा मिला था। पास में ही उसके कपड़े पड़े थे। इस घटना से ग्रामीणों को झकझोर दिया था। एसएसपी नितिन तिवारी और सीओ राहुल कुमार ने मौका मुआयना किया था। बच्ची के परिजनों व गांव के लोगों ने शक जताया तो पुलिस ने रात एक बजे के करीब गांव के ही मोबीन (21) पुत्र यासीन को दबोचा था।
पूछताछ में उसने बताया कि कूड़ा डालने आई बच्ची को वह उठाकर स्कूल से कुछ दूर खेत में ले गया। बच्ची के कपड़े खींचे तो उसने शोर मचाया। छुड़ाने के लिए मासूम काफी छटपटाई। लेकिन उससे उस पर जरा भी रहम नहीं आया। उसने बच्ची का मुंह दबाकर गला कर हत्या कर दी। इसके बाद उसने दुष्कर्म किया। बाद में वह चुपचाप घर जाकर सो गया। वारदात को लेकर गांव में पहले से ही रोष था। खुलासा होने के बाद हर ग्रामीण की जुबान पर यही था कि ऐसे दरिंदे को सख्त से सख्त सजा होनी चाहिए। पुलिस ने आरोपी मोबीन के खिलाफ हत्या कर शव छिपाने के साथ ही पाक्सो एक्ट की धाराओं में कार्रवाई की है।
गुनाह करता रहा सीरियल रेपिस्ट, पर्दा डालती रहीं पंचायतें
कांठ से करीब बारह किलोमीटर दूर खादर में स्थित गांव में मासूम की हत्या कर लाश के साथ बलात्कार करने वाला दरिंदा सीरियल रेपिस्ट निकला। उसने इससे पहले भी कई मासूम बच्चिों को अपनी हवस का शिकार बनाया था। लेकिन गांव की पंचायतें उसके गुनाह पर पर्दा डालती रहीं। बलात्कार और छेड़खानी जैसी घटना करने पर उसे बख्श दिया जाता रहा। उसकी इतनी हिम्मत बढ़ी कि अब उसने एक मासूम को भी मौत के घाट उतार दिया।
बच्ची की हत्याकर शव से दुष्कर्म करने वाला मोबीन पहले भी गांव की कई बच्चियों और युवतियों से छेड़खानी और दुष्कर्म का प्रयास कर चुका था। लेकिन हर बार परिजनों की माफी पर गांव वाले ने मामलों को रफा दफा कर दिया था। एक दो मामला पुलिस तक भी पहुंचा था। लेकिन डांट डपट के अलावा कोई कार्रवाई नहीं हुई। काश पहले ही उसे किए की सख्त सजा मिल जाती तो शायद आज एक मासूम की जान न जाती। हिमांचल प्रदेश में
आर्थिक स्थिति तंग फिर भी निठल्ला घूमता था मोबीन
परिवार की आर्थिक स्थिति तंग होने के बाद भी आरोपी मोबीन गांव में निठल्ला बना घूमता रहता था। कभी उसके पिता पर अच्छी खासी काश्तकारी थी। अब कुछ ही जमीन शेष बची है। आरोपी पांच भाई और एक बहन हैं। मोबीन से छोटे भाई मुस्तकीम को तो गृहस्थी का गाड़ी धकेलने की चिंता है। वह हरियाणा में गैस चूल्हों पर पॉलिश का काम करता है। लेकिन मोबीन निठल्ला बना घूमता रहता था। ग्रामीणों ने उसे कई बार समझाया भी गया था। लेकिन उस पर इस सब का कोई असर नहीं हुआ था।
गांव रिश्ते का चाचा लगता था मोबीन
जिस बच्ची की हत्या करने के बाद शव से दरिंदगी की गई। आरोपी मोबीन उसका गांव रिश्ते का चाचा लगता था। हालांकि दोनों के घरों में काफी फासला है लेकिन फिर भी बच्ची उसे जानती थी। मासूम बच्चे ऐसे ही लोगों के चंगुल में जल्द फंस जाते हैं जिन्हें वह जानते हों।
मोबीन की तरफदारी करने वालों पर भी पुलिस की निगाह
पहले की गई छेड़खानी और दुष्कर्म के प्रयासों में मोबीन की तरफदारी करने वालों पर भी अब पुलिस की निगाह है। पुलिस ने एक ऐसे ग्रामीण को हिरासत में भी लिया है। जिसने पिछले दिनों मोबीन की घिनौनी हरकतें सामने आने पर उसकी तरफदारी करते हुए मामले को रफादफा कराने भूमिका निभाई थी।
अलग-थलग पड़ गया है मोबीन का परिवार
घिनौनी हरकत के बाद मोबीन का परिवार गांव में अलग-थलग सा हो गया है। फिलहाल गांव का कोई भी उसके घर जाना, संपर्क रखना तो दूर उनकी बात तक करने से कतरा रहा है। हालांकि मंगलवार को आरोपी मोबीन का परिवार भी सहमा रहा है।