जिला जेल से कोर्ट में पेशी पर लाया गया बंदी गुरुवार दोपहर पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। बंदी पेट दर्द का बहाना बनाकर जिला अस्पताल में भर्ती हो गया था। यहां से वह टायलेट की खिड़की तोड़कर भाग निकला। इस घटना से पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। खबर मिलने पर सिविल लाइंस पुलिस पहुंच गई और बंदी की तलाश की गई। लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पाया। पुलिस लाइन के दरोगा अवधेश कुमार ने दो सिपाही और बंदी के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है।
संभल जिले के हयातनगर थानाक्षेत्र के कोटला निवासी तौसीफ (25) पुत्र दिलशाद को पुलिस ने सात महीने पहले बाइक चोरी में गिरफ्तार किया था। बाद में गैंगस्टर में चालान कर उसे जेल भेजा गया था। सात महीने से वह जिला कारागार मुरादाबाद में बंद था।
गुरुवार को उसे एडीजे बारह के कोर्ट में पेश किया गया। जिला जेल की वैन से उसे लाया गया। जहां तौसीफ पेट में दर्द का बहाना बनाकर दर्द से छटपटाने लगा। उसकी हालत देख अधिकारियों ने उसे अस्पताल ले जाने को कहा। तौसीफ को पुलिस लाइन के सिपाही अशोक कुमार और धीरेंद्र कुमार जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां ईएमओ ने ट्रीटमेंट के बाद उसे इमरजेंसी वार्ड में भेज दिया। बाद में उसे बेड नंबर पांच में शिफ्ट कर दिया गया।
मरीजों से भरे वार्ड में दोनों सिपाही बेड पर अगल-बगल बैैठ गए। सवा दो बजे के करीब तौसीफ पेशाब करने के लिए वार्ड में बने शौचालय में गया। उसके वापस आने में देरी होने पर दोनों सिपाही टायलेट पहुंचे तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। टायलेट के अंदर की खिड़की टूटी थी और तौसीफ फरार था। इसके बाद दोनों सिपाही दौड़कर वार्ड से बाहर आए लेकिन तब तक वह दूर निकल चुका था। तत्काल सिविल लाइन पुलिस को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर सिविल लाइंस डीके शर्मा पहुंच गए। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार ने बताया कि दोपहर कैदी को जिला अस्पताल लाया गया था। कुछ घंटे बाद वह भाग गया। इंस्पेक्टर डीके शर्मा ने बताया कि दरोगा अवधेश कुमार ने सिपाही अशोक कुमार और धीरेंद्र कुमार व बंदी के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है।