सिविल डिफेंस के सेक्टर वार्डन को ले जाती पुलिस
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लाइनपार रामलीला मैदान में रावण के पुतला दहन के दौरान रस्सी तोड़ कर अंदर घुसने और माइक से भगदड़ मचने का एनाउंस करने वाले खलनायकों की तलाश की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और वीडियो फुटेज से उनकी पहचान की जा रही है। पुलिस इन लोगों को चिह्नित कर केस दर्ज करने की तैयारी में है।
जबकि लापरवाही बतरने वाले पुलिस कर्मियों को भी तलाशा जा रहा है। मंगलवार रात करीब दस बजे रामलीला मैदान में जलता हुआ रावण पब्लिक के ऊपर गिर गया था। जिसमें ड्यूटी दे रहे सिविल डिफेंस कर्मी धर्मेंद्र दिवाकर की मौत हो गई थी। इस हादसे से मौके पर भगदड़ मच गई थी।
इसी बीच किसी शख्स ने माइक उठाया और एनाउंस कर दिया कि मेले में भगदड़ मच गई है। जिसके बाद मैदान और उसके आस पास के अलावा जहां जहां तक लाउडस्पीकर से आवाज जा रही थी। वहां तक लोगों में चीख पुकार मच गई थी। भगदड़ मचती देख डीएम और एसएसपी ने उस शख्स से माइक छीन लिया और उन्होंने पब्लिक से अपील की.. शांति बनाए रखे।
उन्होंने बताया कि मैदान में हादसा है। जिसे कंट्रोल कर लिया गया है। शांति से अपने घर जाएं। इसके बाद वह शख्स वहां से निकल लिया था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों ने रस्सी तोड़ दी थी। जिस कारण लोग रावण के पुतले के नजदीक पहुंच गए थे।
इसी बीच रावण के पुतले को रोकने वाली रस्सी को भी खोल दिया गया था। पब्लिक को रोकने के प्रयास में धर्मेंद्र भी पुतले के करीब पहुंच गया था। मामला शांत होने पर अब पुलिस उन लोगों की तलाश में जुट गई है। जिन्होंने हालात काबू करने का प्रयास किया था। सीसीटीवी कैमरे से इन खलनायकों की तलाश की जा रही है।