छह साल की बच्ची को अगवा करके उसके साथ दरिंदगी करने वाला वारदात के 48 घंटे बाद भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। हालांकि इस सनसनीखेज घटना के खुलासे को पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है। कप्तान नितिन तिवारी खुद पूरे आपरेशन की मानीटरिंग कर रहे हैं। पुलिस ने पीड़ित एलकेजी छात्रा के आसपास की बस्ती में रहने वाले करीब 15 नशेड़ियों को उठाया है।
मासूम छात्रा ने पुलिस अधिकारियों को दरिंदे का हुलिया बता दिया है। जिसके आधार पर पुलिस बहुत जल्द उसे दबोच लेने का दावा कर रही है। मझोला थाना क्षेत्र के मोहल्ला नारायणपुर मानपुर से बुधवार की शाम करीब साढ़े छह बजे छह साल की एक बच्ची को अगवा कर लिया गया था।
वारदात के समय बच्ची अपने भाई के साथ घर के बाहर सड़क पर खेल रही थी। अगवा करने वाले युवक ने बच्ची को जंगल में ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की थी और फिर उसे लावारिस हालत में ट्रांसपोर्ट नगर में छोड़ गया था। खून से लथपथ बच्ची को ट्रांसपोर्ट नगर में लावारिस हालत में घूमता देख किसी व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी थी।
बुधवार रात को ही मझोला पुलिस ने बच्ची को उसके परिजनों को सौंप दिया था। लेकिन गुरुवार सुबह तक मझोला पुलिस घटना को छुपाए रही थी। पब्लिक के किसी व्यक्ति ने फोन करके एसएसपी नितिन तिवारी को घटना की जानकारी दी थी। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई थी और बच्ची के पिता की ओर से अज्ञात के खिलाफ रेप व पाक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामला एक मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी का है लिहाजा एसएसपी ने खुद मानीटरिंग शुरू कर दी है। पुलिस ने नारायणपुर मानपुर और ट्रांसपोर्ट नगर में पूरी रात छापामारी करके करीब पंद्रह लोगों को उठाया। इन सभी के साथ सख्ती से पूछताछ की गई। इनमें ज्यादातर सड़क पर आवारा की तरह घूमने वाले नशेड़ी हैं। पूछताछ के बाद इनमें से कुछ को पुलिस ने छोड़ दिया है जबकि बाकी से पूछताछ चल रही है।