शहर के नागफनी इलाके में घनी आबादी के बीच थिनर से पेट्रोल बनाने का गोरखधंधा पकड़ा गया है। परचून दुकानदार महमूद ने अपनी दुकान के पीछे बाकायदा नकली पेट्रोल का गोदाम बना रखा था।
जहां थिनर से अपमिश्रित पेट्रोल बनाने के बाद वह पेट्रोल पंपों को नकली पेट्रोल सप्लाई करता था। नकली पेट्रोल की इस ‘फैक्ट्री’ का भंडाफोड़ होने के बाद से पंप संचालकों में भी हड़कंप है। मौके से बरामद 1290 लीटर अपमिश्रित पेट्रोल भरे ड्रमों को पूर्ति विभाग ने सील कर दिया है।
डीएम के आदेश पर महमूद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके पुुलिस ने उससे सख्त पूछताछ शुरू कर दी है। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी एसपी शाक्य ने एक सूचना मिलने के बाद विभागीय टीम और पुलिस को साथ लेकर गुरुवार रात नागफनी थाना क्षेत्र के मोहल्ला किसरौल में परचून दुकानदार महमूद पुत्र सुल्तान के घर छापा मारा।
यहां दुकान के पीछे बने गोदाम में टीम को नीले रंग के चार ड्रम मिले। जिनमें करीब 600 लीटर अपमिश्रित पेट्रोल था। एक वर्तन में टीम को लाल रंग का करीब 100 ग्राम केमिकल मिला। इस मकान में टीम को ड्रमों के अलावा दस से अधिक केन भी मिलीं, जिनमें करीब 700 लीटर अपमिश्रित पेट्रोल था।
टीम को देखकर महमूद ने तबियत खराब होने का नाटक शुरू कर दिया। अलबत्ता पूछताछ में उसने बताया कि वह थिनर और लाल केमिकल की मदद से नकली पेट्रोल बनाता है। जिसकी सप्लाई मंडल भर में कई पेट्रोल पंपों पर की जाती है।
महमूद ने पुलिस और पूर्ति विभाग के अधिकारियों को बताया कि वह पिछले कई साल से यह धंधा चला रहा है और हर माह करीब 50 हजार लीटर नकली पेट्रोल बनाकर पंपों पर सप्लाई करता है।
पूर्ति विभाग की टीम ने मौके से मिले नकली पेट्रोल भरे ड्रमों व केनों को सील करके मिट्टी तेल के थोक विक्रेता मैसर्स कनोडिया एंड कंपनी की सुपुर्दगी में दे दिया। डीएम के आदेश पर महमूद के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।