दिल्ली में बेटे के शव का इंतजार कर रहे एचसीएमटी बिशन सिंह बेटे के आखिरी शब्दों को याद करके फफक पड़ते हैं। अंकुर की हत्या से महज दस घंटे पहले शनिवार रात उनकी बेटे अंकुर से बात हुई थी। उसके शब्द अभी भी उनके कानों में गूंज रहे हैं।
बिशन सिंह ने अंकुर ने इंटरनेशनल एकाउंट में शनिवार को ही 5000 डॉलर डलवाए थे। इतनी रकम एकाउंट में आने पर अंकुर ने पिता से कहा था, ... पापा, बस तीन महीने की तो बात है... अब मैं डाक्टर बन जाऊंगा... इतने पैसे मत डलवाओ.. बस खर्चा भेज दो।
यूक्रेन से अंकुर की बॉडी रात में करीब दो बजे प्लेन से दिल्ली पहुंचेगी। पुलिस लाइन में बतौर एचसीएमटी तैनात बिशन सिंह रात बारह बजे एंबुलेंस लेकर एयरपोर्ट पहुंच चुके थे। अमर उजाला से फोन पर हुई बात में उन्होंने बताया कि उन्हें बेटे की हत्या की सूचना सबसे पहले उसके मेडिकल कालेज के प्रोफेसर डा. अमरीक सिंह ने दी थी।
अमरीक सिंह पंजाब के रहने वाले हैं और भारतीय होने के नाते अंकुर से खास लगाव रखते थे। रविवार को दोपहर बारह बजे उन्होंने बिशन सिंह को फोन करके बताया था कि उनके बेटे की लूटपाट के बाद हत्या कर दी गई है।