फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तंजील हत्याकांड : मुंगेरिया पिस्टल से उड़ाया था डीएसपी को

Tue, 05 Apr 2016 03:06 AM IST
जितेंद्र कुमार / अमर उजाला, मुरादाबाद
विज्ञापन
तंजील अहमद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
देश को हिला देने वाले एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद हत्याकांड को कहीं मुंगेर में निर्मित पिस्टल से तो अंजाम नहीं दिया गया था। जांच कर रही एटीएस और एसटीएफ पुलिस टीम तमाम बिंदुओं के अलावा यह एंगल भी खंगाल रही है।
विज्ञापन


पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मो. तंजील के शरीर से 9 एमएम की जिस तरह की गोलियां मिलीं हैं उसे दागने के लिए पिस्टल अवैध रूप से मुंगेर में बनाए जाती है। चंद रोज पहले मुंगेर में एसटीएफ के हत्थे चढ़े मुरादाबाद निवासी प्रदीप सिंह से सात मुंगेरिया पिस्टल और करीब 200 मैग्जीन बरामद हुई थी।

वह हथियारों की यह खेप मुरादाबाद सप्लाई के लिए ले जा रहा था। उसने यह भी खुलासा किया था कि वह पहले भी मुरादाबाद और उसके आस-पड़ोस के जनपदों में इन हथियार की सप्लाई कर चुका था। एटीएस की एक टीम बिहार के लिए रवाना हो गई है जो प्रदीप सिंह से पूछताछ करेगी कि उसने पहले कहां-कहां और किसे मुंगेरिया पिस्टल सप्लाई की थी।
विज्ञापन

 
बिजनौर के सहसपुर गांव के पास एनआईए डिप्टी एसपी मो. तंजील अहमद को शनिवार की रात उस वक्त गोलियां से छलनी कर दिया गया था। जब वह अपनी पत्नी और बेटी बेटे के साथ स्योहारा से एक शादी समारोह से अपने पैतृक गांव लौट रहे थे। उन्हें चौबीस गोलियां मारी गई थीं।

पोस्टमार्टम में उनके शरीर से 9 एमएम की 12 गोलियां निकलीं थीं। जबकि नौ गोलियां आर पास हो गई थीं। जबकि तीन गोलियां छू कर निकलीं थीं। इसके अलावा फोरेंसिक टीम को गाड़ी से गोलियां मिलीं थीं।
  पोस्टमार्टम रिपोर्ट की गहनता से पड़ताल की टीमों ने फारेंसिक टीम, एटीएस, एसटीएफ और एनआईए व उत्तर प्रदेश पुलिस व दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के एक्सपर्टों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट की गहनता से पड़ताल की। इस बात पर गहन मंथन किया गया कि देश में कहां-कहां इस तरह के हथियार तैयार किए जा रहे हैं।

तब अफसरों का ध्यान सीधे बिहार के मुंगेर में पहुुंचा। वहां से भी संपर्क किया गया तो पता चला कि कुछ दिन पहले ही एसटीएफ ने मुुरादाबाद निवासी प्रदीप को मुंगेरिया पिस्टल संग पकड़ा था। वह मुरादाबाद इन हथियारों को लेकर जा रहा था।

उसने ये भी बताया था कि वह इससे पहले भी ये हथियार मुरादाबाद, बिजनौर समेत कई जिलों में सप्लाई कर चुका था। प्रथमदृष्ट्या माना जा रहा है कि मुंगेरिया पिस्टल से ही एनआईए के अफसर का शरीर छलनी किया गया था। कातिलों तक पहुंचने के लिए एटीएस प्रदीप से भी पूछताछ कर सुराग जुटाने में लगी है। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें