नेशनल जांच एजेंसी के डीएसपी तंजील अहमद की हत्या में मुख्य आरोपी माना जा रहा हिस्ट्रीशीटर और पचास हजार का इनामी बदमाश मुनीर नेपाल भागने की फिराक में है। गिरफ्त में आए उसके साथियों से पूछताछ में पुलिस व जांच एजेंसियाें को कुछ ऐसा ही इनपुट मिला है।
पुलिस, एटीएस और एसटीएफ ने उसकी गिरफ्तारी के लिए नेपाल बॉर्डर पर जाल बिछा दिया है। भारत से नेपाल जाने वाले लोगों पर पैनी नजर रखी जा रही है। दो अप्रैल की रात बिजनौर के सहसपुर गांव में एनआईए अफसर मो. तंजील अहमद की हत्या कर दी गई थी। वारदात के समय तंजील अहमद अपनी भांजी की शादी से लौट रहे थे।
एनआईए अफसर की हत्या की गूंज लखनऊ और दिल्ली तक पहुंची। मामले की पुलिस, एटीएस, एसटीएफ और एनआईए की टीमें अलग अलग एंगल पर जांच कर रही हैं। अधिकारी बिजनौर में डेरा डाले हुए हैं। कई दिन की लंबी जांच पड़ताल के बाद पुलिस को सुराग मिले थे कि इस सनसनीखेज हत्याकांड को डिप्टी एसपी तंजील अहमद के पैतृक गांव निवासी मुनीर ने ही अंजाम दिया है।
मुनीर तो नहीं पकड़ा जा सका अलबत्ता उसके साथी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। जांच के मुताबिक इस हत्याकांड को निजी रंजिश में अंजाम दिया गया था। पुलिस शुक्रवार को हत्याकांड का खुलासा करने की तैयारी कर रही थी। लेकिन मुख्य आरोपी माना जा रहा मुनीर पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया था। इसके अलावा पुलिस हत्या में प्रयुक्त हथियारों को भी बरामद नहीं कर पाई है।
पुलिस ने उसके साथियों से पूछताछ की तो पता चला कि मुनीर पहले भी लंबे समय तक नेपाल में पनाह ले चुका है। इस बार भी वो नेपाल भाग सकता है। इनपुट मिलने के बाद पुलिस और एसटीएफ और एटीएस ने नेपाल जाने वाले रास्तों पर चौकसी बढ़ा दी है। हर एक व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है। सूत्रों की माने तो पुलिस टीमें भेष बदल कर नेपाल बॉर्डर पर तैनात हो गई हैं।