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एयरफोर्स जवान की हत्या में पत्नी और उसके प्रेमी को उम्रकैद

Fri, 29 Jul 2016 11:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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अपराध - फोटो : demo
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 करीब चार साल पहले चंदौसी में हुई एयरफोर्स जवान दिनेश शर्मा की हत्या के मामले में अदालत ने जवान की पत्नी आरती और उसके प्रेमी विजय को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि हत्या में मुल्जिम बनाई गई एयरफोर्स जवान की सास और दो सालों को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने दोषियों पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी ठाेंका है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि जुर्माने की राशि से 50 हजार रुपये दिनेश शर्मा के बेटे को दिए जाएं।
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संभल जिले के चंदौसी शहर में मोहल्ला गणेश कालोनी निवासी हत्या की यह वारदात 28 अक्तूबर 2012 को हुई थी। एयरफोर्स के जवान दिनेश शर्मा का शव गणेश कालोनी स्थित अपने घर में पंखे से लटका मिला था। घटना के वक्त दिनेश शर्मा अवकाश पर अपने घर आए हुए थे।

एयरफोर्स जवान की हत्या का आत्महत्या ठहराने की कोशिश की गई थी। लेकिन दिनेश शर्मा के भाई आशुतोष शर्मा ने इसे हत्या बताते हुए दिनेश की पत्नी आरती शर्मा, उसके प्रेमी विजय रस्तोगी पुत्र राजाराम रस्तोगी, मां लक्ष्मी शर्मा, पिता शिव कुमार शर्मा उर्फ शिब्बू व दो भाइयों सौरभ और गौरव के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई थी। 
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पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस केस की सुनवाई एफटीसी द्वितीय मनोज कुमार अग्रवाल की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष एडीजीसी विनोद कुमार सिंह और जावेद कमर खां ने रखा। जबकि बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट दयानंद शर्मा और संजीव तिवारी ने दलीलें दीं। सुनवाई के बाद अदालत ने गुरुवार को दिनेश की पत्नी आरती शर्मा और प्रेमी विजय कुमार रस्तोगी को दोषी मानते हुए दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरती के भाई गौरव और सौरभ व मां लक्ष्मी को बरी कर दिया है। 


आरती के पिता की जेल में ही हो चुकी है मौत
मुरादाबाद। दिनेश के भाई आशुतोष शर्मा ने छह लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। छठवें आरोपी आरती के पिता शिव कुमार शर्मा उर्फ शिब्बू की तीन माह पहले जिला कारागार में कैंसर से मौत हो चुकी है। गौरव और सौरभ अभी तक जेल में बंद हैं। दोषमुक्त होने के बाद अब इन दोनों को जेल से रिहाई मिल जाएगी। जबकि लक्ष्मी देवी को कुछ दिन बाद ही जमानत मिल गई थी। एयरफोर्स जवान की पत्नी आरती और उसका प्रेमी विजय रस्तोगी घटना के बाद से ही जिला जेल में बंद हैं। 


 हत्या को आत्महत्या दर्शाने की हुई थी कोशिश
मुरादाबाद। 28 अक्टुबर 2012 की रात आरती शर्मा ने अपनेे प्रेमी विजय रस्तोगी के साथ मिलकर अपने पति एयरफोर्स जवान दिनेश शर्मा को गला घोंटकर मार डाला था और उसकी लाश को पंखे से लटका दिया था। ताकि मामले को आत्महत्या का रूप दिया जा सके। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आरती के प्लान को बेनकाब कर दिया। 

फौजी के बेटे को पचास हजार देंगे हत्यारोपी
मुरादाबाद। फार्स्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय मनोज अग्रवाल ने आदेश दिया है कि मृतक दिनेश के बेटे को पचास हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए। ये रकम हत्यारोपी आरती और उसके प्रेमी से वसूली जाए। दिनेश का बेटा अपने पिता की हत्या का चश्मदीद था।


‘मम्मी ने घोंटा था पापा का गला’
- 12 साल के देव की गवाही ने निभाया अहम रोल
 पिता के कातिलों को सजा दिलाने में 12 साल के देव ने अहम भूमिका निभाई। देव अपने पिता की हत्या का चश्मदीद था। उसने उस रात का पूरा वाकया अदालत को सुनाते हुए कहा था कि, मम्मी ने ही पापा का गला घोंटा था और बाद में उन्हें पंखे से लटका दिया।
दिनेश शर्मा एयर फोर्स में तैनात थे। उनकी पोस्टिंग दिल्ली में थी। वह अपनी पत्नी और बेटे को दिल्ली ले जाना चाहते थे। लेकिन पत्नी चंदौसी में ही रहना पसंद करती थी। दिनेश को आरती और विजय के बीच चल रहे संबंधों की जानकारी हो गई थी। लिहाजा वह पत्नी को चंदौसी से दूर ले जाना चाहते थे। लेकिन आरती खुलेआम पति से बगावत कर चुकी थी। वो किसी कीमत पर प्रेमी को छोड़ने को राजी नहीं थी। जब पति अवैध संबंधों में बाधक बनने लगा तो उसने उसे ही रास्ते से हटाने की ठान ली। आरती अधिकांश समय मायके में बिताती थी और जब दिनेश छुट्टी पर घर आए तो उसने प्रेमी विजय के साथ मिलकर उन्हें मार डाला। यह पूरी घटना दिनेश शर्मा के 12 वर्ष के बेटे देव ने देख ली थी। उसने अदालत में अपनी मां और उसके प्रेेमी के खिलाफ गवाही दी, जो सजा का अहम आधार बनी।


बहू को सजा मिलने से मिला सुकून: अपर्णा
 दिनेश शर्मा की मां अपर्णा शर्मा की आंखें अदालत का फैसला आने के बाद नम हो गईं। बोलीं, आज उनके बेटे की आत्मा को शांति मिली होगी। बहू और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा मिलने पर अपर्णा ने संतोष जाहिर किया। लेकिन उनका कहना था कि इंसाफ अभी अधूरा है, आरती के भाइयों का भी हत्या में पूरा - पूरा रोल था, उन्हें भी सजा होनी चाहिए थी। अपर्णा का कहना है कि बाकी अभियुक्तों को सजा दिलाने के लिए वह कानूनी लड़ाई लड़ेंगी।
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