हत्या की करीब सात साल पुरानी घटना में सुनवाई पूरी करते हुए अदालत ने तीन अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि बाकी तीन अभियुक्तों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।
मूंढापांडे थाना क्षेत्र के गांव नांगरपुर कौंडरी में हत्या की यह वारदात छह सितंबर 2009 को हुई थी। मुनेश कुमार पुत्र महावीर ने मूंढापांडे थाने में गांव के ही यशपाल पुत्र जमनादास, ओमपाल पुत्र मुलायम, महेंद्र पुत्र परम सिंह, मुलायम पुत्र अमर सिंह, जमुनादास पुत्र अमर सिंह और शीशपाल पुत्र बदन सिंह के खिलाफ अपने पिता महावीर की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मुनेश ने रिपोर्ट में कहा था कि घटना वाले दिन शाम को करीब पांच बजे उसके पिता महावीर खेत पर चारा काटने गए थे। अभियुक्तों से उसके परिवार की रंजिश चल रही थी। अभियुक्तों ने नाजायज तमंचों से गोलियां बरसाकर महावीर की हत्या कर दी।
प्रभारी संयुक्त निदेशक अभियोजन मुकेश चतुर्वेदी ने बताया कि मामले की सुनवाई एफटीसी फर्स्ट सत्यप्रकाश द्विवेदी की अदालत में हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने यशपाल, ओमपाल और महेंद्र को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 20- 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि बाकी तीन अभियुक्तों मुलायम, जमुनादास व शीशपाल को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।