नोटबंदी के बाद तबाह हुए किडनैपर तीन युवकों को बंधुआ मजदूरी के लिए बेचकर फरार हो गए। किडनैपरों पर एक शख्स का कर्जा था। कर्ज उतारने के लिए वो नए नोटों का बंदोबस्त नहीं कर सके। कर्ज देने वाले को नौकर की तलाश थी।
लिहाजा किडनैपरों ने तीन युवकों का सौदा कर डाला। बंधुआ मजदूरी के लिए तीन लाख में तीन युवकों को बेच डाला और निकल भागे। पुलिस अब किडनैपरों की तलाश कर रही है। कटघर मेें गोविंदनगर निवासी फैक्ट्रीकर्मी विकास (18) का पांच दिन पहले कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया था।
अपहरणकर्ता उसे किसी गांव में बंधुआ मजदूरी के लिए बेच गए हैं। घर वालों के पास आई विकास की एक कॉल से खुलासा हुआ था कि उसे बंधुआ मजदूरी के लिए किसी किसान के हाथों बेचा जा चुका है। परिजनों की शिकायत के बाद इस मामले में पुलिस ने विकास की गुमशुदगी दर्ज कर ली है।
उधर, वो नंबर लगातार बंद आ रहा है जिससे विकास ने अपने घर कॉल की थी। पुलिस इस नंबर की सीडीआर की मदद से उस तक पहुंचने की कोशिशों में जुटी है। पुलिस छानबीन में चौंकाना वाला खुलासा हुआ है। पुलिस को पता चला है कि अपहरणकर्ताओं ने अकेले विकास को नही बेचा बल्कि उसके जैसे तीन युवकों को बंधुआ मजदूरी के लिए बेचा है।
विकास के परिजनों का कहना है कि जिस किसान के यहां विकास बंधक है उसने सोमवार को कॉल की थी। उसी वक्त थाने में मौजूद दरोगा से भी विकास के घर वालों ने आरोपी की बात कराई थी। फोन पर दरोगा से बदमाशों ने कहा था कि वह विकास को ऐसे नहीं छोडे़ंगे, उन्होंने तीन लाख रुपये में तीन लोगों को खरीदा है।
तीनों को बेचने वाला इमरान नामक शख्स है। विकास के परिजनों का कहना है कि इमरान कौन है, वह नहीं जानते। एसएचओ कटघर एसपी सिंह ने बताया कि बदमाशों का जो मोबाइल नंबर मिला है, सर्विलांस से उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस विकास की तलाश में जुट गई है, जल्द ही उसे बरामद किया जाएगा। बदांयू के उजियानी निवासी फैक्ट्रीकर्मी विकास 22 दिसंबर से गायब है। सोमवार को विकास ने खुद के अपहरण की जानकारी फोन कर परिजनों को दी थी।