जम्मू-कश्मीर के बारामूला, लेह और लद्दाख बार्डर इलाके के आतंक पीड़ित क्षेत्रों से करीब एक हजार लोग पिछले दस दिन से मुरादाबाद में हैं। ये लोग घरों में जाकर सहायता मांग रहे हैं। इनमें अधिकांश छात्र हैं, जिनके पास पहचान पत्र के नाम पर आधार कार्ड और स्कूलों के परिचय पत्र हैं। आरटीओ के आसपास इनके शिविर लगे हैं।
निकाय चुनाव के दौरान शहर में आए इन लोगों पर खुफिया विभाग की नजर है।संभल रोड के निकट स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के सामने ट्रांसपोर्ट नगर और पीछे मैदान में करीब दस दिन पूर्व कश्मीर के लोगों ने डेरा डालना शुरू किया। धीरे-धीरे एक हजार लोग यहां पहुंच गए, जिनमें अधिकांश युवा, बुजुर्ग और महिलाएं हैं।
मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने कश्मीरियों के शिविरों का जायजा लिया। शिविर में मिले युवकों ने बताया कि वह बीए और एमए तक पढ़े हैं। कुछ बच्चे हैं जो हाईस्कूल के छात्र हैं। आतंकी गतिविधियों और बर्फ गिरने के कारण वे अपने घर और कारोबार खो चुके हैं। इस कारण यहां आए हैं। जनवरी में वापस जाएंगे।