आयकर विभाग बहुत जल्द शहर में कोई बड़ी कार्रवाई कर सकता है। सूत्रों का कहना है कि नोटबंदी के दौरान बैंकों में जमा हुई रकम के आंकड़ों को फिल्टर करने के बाद विभाग को कई बड़ी जानकारियां हाथ लगी हैं। इन आंकड़ों से कई निर्यातकों, डाक्टरों, बिल्डर्स और सर्राफ के काले धन का सुराग महकमे के हाथ लगा है।
नोटबंदी के दौरान बैंकों में जमा हुई रकम के आंकड़ों की आयकर विभाग गहराई से पड़ताल करने में लगा है। नोटबंदी के पहले और बाद के टर्नओवर को भी खंगाला जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि आयकर विभाग ने इन आंकड़ों और गोपनीय पड़ताल के आधार पर शहर के कुछ निर्यातकों, डाक्टरों, सर्राफ और बिल्डर्स को चिन्हित किया है।
इनके खिलाफ विभाग जल्द बड़ी कार्रवाई कर सकता है। कार्रवाई से पहले महकमा पुख्ता दस्तावेज जुटाने में लगा है। सूत्रों के मुताबिक इसके लिए सर्विलांस की मदद भी ली जा रही है। पिछले वर्ष आयकर विभाग को मुरादाबाद डिवीजन से 220 करोड़ रुपये आयकर वसूल करने का लक्ष्य मिला था। लेकिन इस बार इसे बढ़ाकर 432 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अभी तक 150 करोड़ रुपये आयकर जमा किया जा चुका है। बाकी का लक्ष्य पूरा करने के लिए अधिकारियों ने नोटबंदी के आंकड़ों को खंगालना शुरू कर दिया है। लक्ष्य पूरा करने के लिए विभाग की ओर से चिन्हित लोगों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।