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बाघ के हमले में दो ग्रामीण और एक बैल घायल

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बांकेगंज।
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दुधवा टाइगर रिजर्व के बफरजोन में शामिल मैलानी रेंज से सटे इलाके में दो घंटे के अंतराल में बाघ के हमले में दो ग्रामीण और एक बैल जख्मी हो गया। हमले की दोनों घटनाएं तीन किलोमीटर के दायरे में हुईं। बाघ हमले में घायल दोनों ग्रामीणों का इलाज बांकेगंज सीएचसी में चल रहा है। एक ही दिन में बाघ के दो हमलों से इलाके में दहशत है। सूचना पर अस्पताल पहुंचे फारेस्ट गार्ड सुखपाल सिंह ने घायल युवक का हाल जाना।
बाघ हमले की पहली घटना रविवार सवेरे करीब नौ बजे की है। मैलानी रेंज की भरिगवां बीट में वन निगम के चल रहे कटान की लकड़ी उठाने के लिए लोनपुुरवा गांव निवासी द्वारिका प्रसाद (40 साल) बैलगाड़ी से जंगल जा रहा था। इस बीच झाड़ियों में छिपे बैठे बाघ ने बैलगाड़ी में जुते बैल पर हमला बोल दिया। द्वारिका जब तक कुछ समझ पाता तब तक बाघ ने उस पर भी पंजे से प्रहार किया। इससे उसके कंधे पर घाव हो गए है। द्वारिका के शोर मचाकर भागने पर बाघ बैल को छोड़कर जंगल में चला गया। द्वारिका भागकर किसी तरह गांव पहुंचा और कई ग्रामीणों के साथ जाकर घायल बैल और बैलगाड़ी को वापस लाया।
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दूसरी घटना मैलानी रेंज के ही जटपुरा बीट में रविवार पूर्वान्ह 11 बजे के लगभग हुई। गांव सोहनरा भूड़ निवासी बीस वर्षीय जितेंद्र जंगल से सटे अपने खेत में बंदरों से गेहूं की फसल बचाने गया था। इसी बीच गन्ने के खेत से निकले एक बाघ ने उस पर हमला कर दिया। जितेंद्र के चीखने चिल्लाने पर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग इकट्ठा हो गए और शोर मचाते हुए लाठियां जमीन पर पटकने लगे, इससे घबराकर बाघ फिर गन्ने के खेत में घुस गया। इस बीच बाघ जितेंद्र को बुरी तरह लहूलुहान कर चुका था। बाघ हमले से जितेंद्र के कंधे, पीठ और बाएं हाथ में गहरे घाव आए हैं। परिवारीजन जितेंद्र को लेकर बांकेगंज सीएचसी पहुंचे जहां उसका इलाज चल रहा है। अधीक्षक डॉ. सुशील कुमार नरवरिया ने दोनों घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई है।
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स्पष्ट नहीं ग्रामीणों को घायल करने वाला बाघ एक या दो
डीएफओ अनिल पटेल की मानें तो अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि एक ही दिन में अलग-अलग हुई घटनाओं में ग्रामीणों पर हमला करने वाला बाघ एक है या फिर दो। फिलहाल, मैलानी रेंज वनकर्मियों का भी कहना है कि दोनों घटनास्थलों के बीच बाघों के पगमार्क नहीं मिले हैं। इससे यह अनुमान लगा पाना मुश्किल हो रहा है कि हमलावर बाघ एक है या दो।
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