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मुर्दों का बीमा प्रकरणः क्लेम दिलाने पहुंचे बीमा कर्मी को दौड़ाया

Sun, 03 Jul 2016 10:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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मुर्दों का बीमा प्रकरण - फोटो : demo
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 मुर्दाें का बीमा करके फर्जी क्लेम निकालने का प्रकरण एफआईआर दर्ज होने के बाद चर्चा में आने के बाद लोग बीमा कराते वक्त सतर्क हो रहे हैं। गांव ग्वारखेड़ा में एक कथित बीमा कर्मी ने एक मृत युवक के घर पहुंचकर क्लेम दिलाने का दावा किया। ग्रामीणों को शक हुआ तो उन्होंने बीमा कर्मी बताने वाले युवक को खरीखोटी सुनाई और गांव से खदेड़कर भगा दिया। 

बिलारी के ग्वारखेड़ा निवासी यशपाल की कुछ समय पहले बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। शनिवार की दोपहर यशपाल के पिता मदनलाल के पास एक युवक पहुुंचा और स्वयं को एक बीमा कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि तुम्हारे मृत बेटे का हमारी कंपनी में बीमा है, लिहाजा कुछ कागजात और खर्चा देना होगा, उसका क्लेम दिला देंगे।
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ग्रामीणों को युवक की गतिविधियाें पर शक हुआ। ग्रामीणोें ने अखबारोें में लगातार छप रही मुर्दों का बीमा कराने की खबरों को ध्यान में रखते हुए कथित बीमा कंपनी कर्मी को खरीखोटी सुनाई। इस बीच ग्रामीणों भड़के ग्रामीणों के भय से बीमा कर्मी बताने वाला युवक फरार हो गया। 
 
 मुर्दों के बीमा कराके करोड़ों रुपये के फर्जी क्लेम निकालने वाले जालसाजों ने सरकारी तंत्र को भी चुनौती दे दी है। एक नहीं प्रत्येक फर्जी क्लेम के साथ लगाया गया डेथ सर्टिफिकेट जांच में फर्जी पाया गया है। नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्राम पंचायत के साथ ही सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की भूमिका भी संदिग्ध है। वहीं डाक्टरों के मेडिकल और पैथोलाजी लैब की रिपोर्ट भी फर्जी बनाकर क्लेम निकाले गए हैं। 

बीमा कंपनियों के साथ उसके कर्मचारियों ने ही फर्जीवाड़ा करके बड़ी तादात में मुर्दों के बीमा करा दिए या फिर जिंदा लोगों के बीमा कराके उन्हें कागजों में मरा दिखाकर करोड़ों रुपये के डेथ क्लेम निकाल लिए। इन डेथ क्लेम में जितने भी सर्टिफिकेट लगाए गए हैं वह सब फर्जी हैं।

डेथ सर्टिफिकेट जिस एजेंसी नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत या ग्राम पंचायत से बनाए जा रहे हैं, ऐसी स्थिति में डेथ सर्टिफिकेट पर ही नहीं इन एजेंसियों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। इसके अलावा डाक्टरों के मेडिकल सर्टिफिकेट भी लगाए गए हैं जिनपर सवाल खड़े हो गए हैं। क्योंकि जिन डाक्टरों के सर्टिफिकेट लगे हैं उनके पास इनका कोई रिकार्ड नहीं है। 
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जय सुखलाल बोला- ‘मैं मरा नहीं जिंदा हूं’
 एक तरफ बीमा कंपनियों में कार्यरत रहे जालसाज मुर्दों का बीमा कराके उनके क्लेम निकाल रहे हैं, वहीं कुछ ऐसे लोगों के क्लेम भी उनके डेथ सर्टिफिकेट लगाकर निकाल रहे हैं, जोकि जिंदा हैं। अमरोहा जिले के रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव चांदनगर के जयसुखलाल को भी जालसाजों ने डेथ सर्टिफिकेट बनवाकर कागजों में मार दिया। उसकी पत्नी साधना के स्थान पर किसी ओर महिला को साधना बनाकर फर्जी दस्तावेज के सहारे करीब 2.35 लाख रुपये का क्लेम करा लिया। बैंक  खाते में इलेक्ट्रानिक फंड ट्रांसफर कराने के बजाए कंपनी ने चेक बनाकर पते पर भेज दिया। इससे जयसुखलाल दंग रह गया। बैंक शाखा में पहुंचा तो उसे पता चला कि  उसे कागजों में मरा दिखाकर क्लेम निकालने को ऐसा किया गया है। अब जय सुखलाल अपने जीवित होने के सभी प्रमाण लेकर घूम रहा है। फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ अमरोहा पुलिस ने रिपोर्ट ही दर्ज नहीं कर रही है।
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