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आवारा कुत्ते को लेकर रार, तीन पर एफआईआर

Fri, 29 Dec 2017 01:13 AM IST
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
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आवारा कुत्ते - फोटो : अमर उजाला
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 आवारा कुत्ते को लेकर एक अधिवक्ता पर इलेक्ट्रानिक शॉप संचालक का अधिवक्ता से झगड़ा हो गया। आरोप है कि शॉप संचालक ने अपने दोनों बेटों के साथ मिलकर अधिवक्ता की पिटाई कर दी। इस मामले में शॉप संचालक और उसके दोनों बेटों के खिलाफ कोतवाली थाने में नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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आर्यनगर निवासी अधिवक्ता सुनील कुमार ने बताया कि उनके घर के सामने ही इलेक्ट्रानिक शॉप संचालक अनिल सचदेवा परिवार के साथ रहते हैं। आरोप है कि अनिल सचदेवा गली में आवारा कुत्तों को इकट्ठा कर उनको खाने का सामान (रस्क, बिस्कुट) देते हैं। जिस वजह से मोहल्ले में आवारा कुत्ते बढ़ गए हैं और वह आए दिन मोहल्ले के किसी न किसी व्यक्ति को काट लेते हैं।

इससे कालोनी के लोग परेशान हैं, बच्चे कुत्तों की दहशत के कारण घर से नहीं निकलते हैं। सुनील ने बताया कि 23 दिसंबर को वह अपने बच्चों को ट्यूशन छोड़ने के लिए जा रहे थे, इस दौरान रास्ते में आवार कुत्ते दिखाई दिए तो उन्हें भगाने के लिए पत्थर उठाकर मारा। इस दौरान शोर होने पर अनिल सचदेवा व उसके बेटे रजत, चकित भी घर से बाहर निकल आए और गाली गलौज करने लगे। आरोप है कि सुनील ने विरोध जताया तो आरोपी बाद में उनके घर पर पहुंचे और मारपीट की।
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विरोध पर सुनील की पत्नी को भी जान से मारने की धमकी दी। इस मामले की शिकायत सुनील ने कोतवाली थाने में की लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की, इसके बाद एसएसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई है। एसएचओ कोतवाली रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अनिल सचदेवा, उसके दोनों बेटे रजत, चकित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, जल्द ही इस संबंध में कार्रवाई की जाएगी।


दहशत: बच्चों के हाथ में खाने का सामान देख काटने को दौड़ते हैं आवारा कुत्ते   आर्यनगर कालोनी में रहने वाले लोगों ने आवारा कुत्तों के संबंध में नगर आयुक्त को भी एक शिकायती पत्र सौंपा है। कालोनीवासियों का कहना है कि कई वर्षों से इस क्षेत्र में आवारा कुत्तों ने बहुलता से आकर आतंक फैला रखा है।

अनेक बाद मोहल्ले में बच्चों पर झपटना, उनके हाथ में खाने की चीज देखकर काटने को दौड़ते हैं। कालोनी में घरों के आगे आवारा कुत्ते गंदगी करते हैं, जिस कारण मोहल्ले में साफ सफाई नहीं रह पाती। कई बार निगम में जाकर इस संबंध में शिकायत की गई ताकि बच्चों की जिंदगी सलामत रहे और वह अकेले आवाजाही कर सकें।

आवारा कुत्तों की वजह से बच्चे दहशत में होते हैं, लेकिन उनके घर से जाने के बाद माता-पिता को बच्चों की चिंता सताती रहती है कि कहीं कुत्ता उनके बच्चे पर हमला न कर दे। रात में कुत्ते भौंकते हैं, जिस वजह से लोग शांति से सो तक नहीं सकते हैं।

नगर आयुक्त से मांग की गई है कि इन आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए टीम भेजें, जिससे की लोग चैन से रह सकें । लोगों का कहना है कि नगर आयुक्त जब भी आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए टीम भेजें, उनके साथ पुलिस भी भेजें। जिससे की अनिल सचदेवा कालेानी के लोगों से झगड़ा न कर सके।
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