आजादी की सालगिरह के मौके पर राष्ट्रध्वज के अपमान में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला प्रचारक समेत तीन लोग फंस गए हैं। सौलत लाइब्रेरी के लाइब्रेरियन ने आरएसएस नेता समेत तीन नामजद और 10-12 अज्ञात के खिलाफ राष्ट्रध्वज का अपमान करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा कार्यकर्ताओं ने 15 अगस्त को पुरानी तहसील में ध्वजारोहण किया। सौलत पब्लिक लाइब्रेरी के लाइब्रेरीरियन अजहर मुईन खां का आरोप है कि कार्यकर्ता पुरानी तहसील स्थित सौलत पब्लिक लाइब्रेरी के ताले तोड़कर छत पर चढ़ गए और उन्होंने ध्वजारोहण किया। लेकिन राष्ट्रीय ध्वज शाम को नहीं उतारा गया, जिससे उनकी भावना आहत हुई। साथ ही राष्ट्रीय ध्वज का अपमान भी किया गया।
अजहर मुईन खां के मुताबिक शाम तक जब झंडा नहीं उतारा गया तो इस मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलने के बाद आधी रात में पुलिस मौके पर पहुंची और राष्ट्रध्वज को उतारा गया। पुुलिस ने लाइब्रेरियन की तहरीर के आधार पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला प्रचारक रामशंकर, भाजपा युवा मोर्चा के ऋषभ रस्तोगी और मुकेश आर्य के साथ ही 10-12 अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने और भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- राष्ट्रीय ध्वज को सूचना के आधार पर रात में उतारा गया था, जिसके बाद लाइब्रेरियन की ओर से तहरीर दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने राष्ट्र ध्वज का अपमान करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
धर्मेंद्र यादव, शहर कोतवाल
- पुरानी तहसील पर ध्वजारोहण किया गया था। ध्वजारोहण के बाद शाम को राष्ट्रीय ध्वज उतार लिया गया था। एफआईआर क्यों और किसने लिखाई है इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने किसी भी तरह से राष्ट्रीय ध्वज का अपमान नहीं किया है।
रामशंकर जिला प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ