एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद की हत्या में उनके बहनोई को भी गुरुवार की रात एसटीएफ द्वारा दिल्ली से उठाने की बात कही जा रही है। जखावत हुसैन नाम का ये शख्स दिल्ली के ओखला में कपड़ा का कारोबार करता है। डीएसपी की लाश का रविवार सुबह मुरादाबाद में पोस्टमार्टम कराया गया था। तब जखावत हुसैन भी मौजूद था।
मीडिया के सामने सबसे ज्यादा मुखर यही शख्स था। वह बार-बार मीडिया अन्य लोगों को गुमराह कर रहा था कि पाकिस्तान से पठानकोट हमले की जांच टीम के आने के बाद ही तंजील के साथ ऐसी हृदयविदारक घटना हुई है। वह घुमा-फिराकर यह बताना चाह रहा था कि ये आतंकी घटना है।
अब जबकि दिल्ली में तंजील की दुकान को लेकर वारदात की बात सामने आई है और उसमें उसकी समूलियत की बात कही जा रही है उससे तो यही लगता है कि उसका सीधा मकसद पुलिस और जांच एजेंसियों को गुमराह करके उनका ध्यान भटकाना था ताकि सभी का ध्यान निजी रंजिश पर न जाकर आतंकी घटना की ओर रहे।
ताकि वह उसके साथी साफ बच जाए। वह बार बार डीएसपी की तारीफ कर रहा था और बोल रहा था कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं हो सकता है। दिल्ली और उनके गांव सहसपुर में बहुत उनका बहुत मान सम्मान था।
दो दिन से पुलिस जिस शूटर रेहान को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है जखावत हुसैन उसका चाचा है। दो माह मुनीर दिल्ली के ओखला में रहा था। माना जा रहा है कि तब ही दोनों के बीच डीएसपी की हत्या को लेकर कुछ ‘डील’ हुई होगी।