शहर में जाम की समस्या पर काबू पाने के लिए पर्याप्त पुलिस बल न होने के कारण यातायात पुलिस ने कई मुख्य चौराहों पर बैरियर लगा दिया है। इस वजह से एक तरफ चौराहों का चेहरा बिगड़ गया है तो दूसरी तरफ जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
वाहन चालकों को भी अपनी जान का जोखिम उठाकर गलत दिशा में वाहन चलाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में उनकी मांग है कि इन चौराहों पर बैरिकेडिंग की जगह पुलिस का पहरा लगाया जाए।
इन स्थानों पर बने चौराहे हो गए दोराहे
. मझोला चौराहा
. इंपीरियल चौराहा
. संभल चौराहा
. लासा मार्ट चौराहा
. पीएसी चौराहा
. मधुबनी चौक
बुजुर्ग महिलाओं से लेकर छात्र तक परेशान
। इन चौराहों को बंद किए जाने से न केवल वाहन चालक बल्कि बुजुर्ग महिलाएं और छात्र-छात्राआें तक को परेशानी झेलनी पड़ रही है। पैदल यात्रियों को सड़क के बैरियर के नीचे से या ढाई फीट के डिवाइडर को लांघकर सड़क के दूसरी तरफ जाना पड़ता है। इस दौरान हादसे का डर भी बना रहता है लेकिन मजबूरी में उन्हें जोखिम उठाना पड़ता है।
दो कदम की दूरी पांच सौ मीटर में बदली
इन चौराहों पर बैरियर लगाकर रास्तों को दोराहा बनाए जाने के कारण वाहन चालकों को दो कदम की दूरी तय करने के लिए अब पांच सौ मीटर तक का सफर तय करना पड़ रहा है। इस दौरान मजबूरी में गलत दिशा में भी वाहन चलाना पड़ता है, जिससे हादसे का डर सताता है। कई स्कूली बच्चे भी यह जोखिम उठाने को मजबूर हैं।
परिचर्चा
‘मुझे दवाई लेने के लिए मझोला से खुशहालपुर जाना पड़ता है। मझोली चौराहे पर बैरियर लगाकर इसे दोराहा बना दिए जाने के कारण परेशानी झेलनी पड़ती है। डिवाइडर को लांघकर दूसरी तरफ जाना पड़ता है, जो जोखिम भरा कदम है।’
बुजुर्ग महिला गीता
‘ खुशहालपुर से होकर मझोली चौराहा पारकर हम लोग चौधरी चरण सिंह चौक की तरफ जाते थे, लेकिन चौराहे को दोराहा बना दिए जाने के कारण परेशानी झेलनी पड़ती है। गलत दिशा में वाहन चलाने को मजबूर होना पड़ रहा है।’
सुरेश, बुद्धि विहार
फोटो समाचार
‘एक पुलिसकर्मी हो तैनात तो हजारों लोगों की मंजिल हो आसान’
मुरादाबाद। चौराहों को दोराहा बनाए जाने के कारण रोजाना परेशानी झेलने वाले लोगों की संख्या हजारों में है। ऐसे में लोगों ने इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए यातायात पुलिस को सुझाव देते हुए चौराहों पर एक-एक पुलिसकर्मी तैनात करने की मांग की है, जिससे की हजारों लोगों की मंजिल आसान हो जाए। मझोली चौराहे पर मौजूर रमाशंकर त्रिपाठी का कहना है कि एक तरफ यातायात पुलिस पर्याप्त पुलिस बल न होने की बात कह जगह जगह चौराहों का ‘चेहरा’ जाम की समस्या से छुटकारा दिलाने की बात कहकर बिगाड़ा जा रहा है तो दूसरी तरफ कई जगह पर एक साथ पांच से छह पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जो वाहन चालकों द्वारा यातायात के नियमों का उल्लंघन न करने पर उनके वाहनों का चालान काटने का काम करते हैं। यातायात पुलिस चाहे तो उनमें से ही एक पुलिसकर्मी को इन चौराहों पर तैनात कर सकती है। खुशहालपुर निवासी अतुल रघुवंशी ने बताया कि यातायात पुलिस को इन चौराहों पर लगाए गए बैरियर को हटाकर पुलिस की तैनाती करनी चाहिए, जिससे की आसपास की कालोनियों में रहने वाले हजारों लोगों को रोजाना परेशानी न झेलनी पडे़।
बैरिकडिंग से होने वाली समस्या के समाधान के लिए निकाला जाएगा विकल्प : एसपी ट्रैफिक
मुरादाबाद। एसपी ट्रैफिक सतीश चंद्र ने बताया कि जिन चौराहों पर बैरिकेडिंग की गई है, वह चौराहे शहर में जाम की वजह बन गए थे। रोजाना इन चौराहों पर जाम लगने की शिकायत मिलती थी, ट्रैफिक को स्मूद रूप से चलाना ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी है। अगर चौराहों पर बैरिकेडिंग किए जाने से पब्लिक को परेशानी झेलनी पड़ रही है तो इस समस्या का समाधान भी किया जाएगा, इसके लिए विकल्प तलाशा जाएगा। जल्द ही इस संबंध में प्लानिंग तैयार की जाएगी।’