यूक्रेन में लुटेरों के क्रूरता का शिकार हुए मेडिकल छात्र अंकुर की जब तक सांसें थम नहीं गईं तब तक उस पर वार किए गए। सिर में चोट लगने से ही अंकुर की मौत हुई थी। इसकी तस्दीक अंकुर और प्रणय शांडिल्य के शवों के यूक्रेन में ही किए पोस्टमार्टम से हुई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक प्रणय पर चाकू से 84 हमले किए हैं। अंकुर के पिता बिशन सिंह ने बताया कि उनका बेटा अक्सर बताता था कि वहां के लोग भारतीयों से घृणा करते हैं। भारतीय छात्रों के अच्छे अंक आते हैं तो उन्हें अच्छा नहीं लगता है।
छोटे-छोटे विवाद में भी मारपीट करने लगते हैं। मेरा बेटा बड़ी मेहनत से पढ़ाई कर रहा था। जल्द ही उसकी एमबीबीएस एमडी की पढ़ाई पूरी होने वाली थी। अंकुर के पिता बिशन सिंह ने भारत सरकार से गुहार लगाई कि उसके बेटे का जो सामान यूक्रेन में रह गया है उसे वापस दिलाया जाए।
उसका बेटा तो इस दुनिया से दूर चला गया है। अब बेटे के सामान को देखकर ही उसे याद कर लिया करेंगे। अंकुर की मां मूर्ति को शुक्रवार को ही पता चल पाया कि उसके बेटे की हत्या हो चुकी है। जबकि छह दिन पहले अंकुर की मौत हो चुकी थी।
लेकिन परिवार के लोगों ने उसे कुछ नहीं बताया था। शुक्रवार सुबह से लोगों का उसके घर आना जाना शुरू हुआ तो वह समझ गई थी कि उसके बेटे के साथ कुछ हो गया है। बाद में परिवार के लोगों ने उसे पूरी कहानी बता दी। इसके बाद तो उसके ऊपर मानों गम का पहाड़ टूट पड़ा हो।