रकम दोगुनी करने का झांसा देकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी वाली चिटफंड कंपनी की एक डायरेक्टर जमाल कौसर कुरैशी को छजलैट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जबकि इस फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड मोहित अग्रवाल और उसकी पत्नी चांदनी अग्रवाल अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाई है।
छजलैट थानाक्षेत्र के भीकनपुर निवासी सचिन शर्मा ने छजलैट थाने में मोहित अग्रवाल निवासी चौरासी घंटा थाना नागफनी, उनकी पत्नी चांदनी गुप्ता, मां सुषमा अग्रवाल और पिता लक्ष्मी शंकर अग्रवाल व जमाल कौसर कुरैशी पुत्री जहीर कुरैशी निवासी जियाजगंज घरौला जिला अल्मोड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
सचिन ने बताया था कि मोहित अग्रवाल अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के साथ उसके घर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि आरएएमपी डवलपर्स इंडिया लिमिटेड और वेदांत म्यूचल बेनीफेट इंडिया लि. के डायरेक्टर हैं। जिनका ऑफिस गाजियाबाद के वसुंधरा में है। जबकि सब ऑफिस मझोला के मानसरोवर कालोनी में बना रखा है।
उन्होंने बताया कि कंपनी रियल स्टेट में आरडी के माध्यम से ग्राहकों की रकम इकट्टा करती है। कं पनी पांच साल में रकम दोगुना कर देती है। पीड़ित ने अलग अगल तारीखों में आरोपियों को 42 लाख 88 हजार रुपये दे दिए थे। छजलैट पुलिस ने केस की तफ्तीश शुरू की तो पता चला कि आरोपियों के खिलाफ मझोला थाने में भी एक केस दर्ज है।
जिसमें सुषमा अग्रवाल और लक्ष्मीशंकर अग्रवाल की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने अल्मोड़ा में जमाल कौसर के घर दबिश दी, लेकिन जमाल कौसर पहले ही फरार हो चुकी थी। पुलिस ने रविवार को गाजियाबाद से जमाल कौसर को गिरफ्तार कर लिया। रविवार को पुलिस ने जमाल कौसर को कोर्ट में पेश किया। जहां से जेल भेज दिया गया।