अंकुर की बहन शव पर विलाप करते हुए
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यूक्रेन में मारे गए मेडिकल छात्र अंकुर सिंह का शव शुक्रवार को उसके घर पहुंचा तो गौतम नगर में शोक की लहर दौड़ गई। मां-बाप और भाई-बहन और रिश्तेदार अंकुर का शव देख रो पड़े। चीख पुकार सुनकर गौतम नगर और आस पड़ोस के मोहल्लों से भी बड़ी संख्या में लोग अंकुर के घर पहुंच गए।
होनहार छात्र की मौत पर आंख नम हो गई। दोपहर बाद गमगीन माहौल में छात्र को अंतिम विदाई दी गई। मूलरूप से हरिद्वार के रुड़की तहसील के गांव बिंडू निवासी बिशन सिंह पीएसी में हेड कांस्टेबल हैं। इन दिनों उनकी तैनाती बरेली में है। बिशन सिंह ने सिविल लाइंस क्षेत्र के गौतम नगर में अपना मकान बनवा लिया है।
बिशन सिंह का बेटा अंकुर सिंह यूक्रेन के उझगोरोद में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था। रविवार तड़के वह अपने साथियों के साथ रूम में सो रहा था। इसी दौरान उन पर एक युवती समेत कुछ युवकों ने चाकू से हमला कर दिया था। इस हमले में अंकुर सिंह और उसके साथी प्रणय शांडिल्य की मौके पर ही मौत हो गई थी।
जबकि तीसरा साथी घायल हो गया था। पिता बिशन सिंह ने बताया कि कालेज के शिक्षक व पंजाब निवासी अमरीश ने उन्हें बेटे की मौत की सूचना दी थी। रविवार से परिवार लाश आने का इंतजार कर रहा था। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे यूक्रेन से प्लेन द्वारा शव दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा।
यहां करीब तीन घंटे की कागजी कार्रवाई हुई। तब करीब सवा आठ बजे शव परिजनों को सौंप दिया गया। यहां से सरकारी एंबुलेंस द्वारा लाश उसके घर भेजी गई। दोपहर करीब 12:20 बजे शव अंकुर सिंह के घर गौतम नगर पहुंचा तो परिवार मेें चीख पुकार मच गई।
पूरे गौतम नगर में शोक की लहर दौड़ गई और छात्र की लाश देख हर आंखें नम हो गई। दोपहर बाद आशियाना कालोनी स्थित शमशान घाट में अंकुर के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।