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पहले नोटिस, नहीं सुधरे तो लटकेगा जानलेवा होटलों पर ताला

Sun, 31 Dec 2017 02:19 AM IST
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
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Hotel - फोटो : अमर उजाला
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संकरी गलियों से लेकर भीड़ भरे बाजार तक में सुरक्षा के मानकों की अनदेखी कर खोले गए होटल शहर में मौत को दावत दे रहे हैं। मुंबई के मोजो होटल में हुए हादसे के बाद यूपी में भी हलचल मची है। लखनऊ से अधिकारियों ने फायर ब्रिगेड के स्थानीय अधिकारियों को हादसों को न्यौता दे रहे होटलों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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एफएसओ आरके सिंह ने बताया कि लखनऊ से निर्देश मिले हैं कि सभी होटलों में सुरक्षा के मानक पूरे होने चाहिए, अगर किसी भी होटल में सुरक्षा के मानकों की अनदेखी की गई तो ऐसे होटल संचालकों के शुरूआत में नोटिस जारी किए जाएं ओर उनसे सुरक्षा के पुख्या इंतजाम करने के लिए कहा जाए।

ऐसे में भी अगर होटल संचालक सुरक्षा के मानकों को पूरा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई कर होटलाें को बंद कराने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखे जाएं, जिससे की मुंबई के मोजो होटल जैसे हादसे मुरादाबाद में न हों। एफएसओ ने बताया कि लखनऊ में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों से मिले दिशानिर्देश के बाद जनपद के होटलों का ब्यौरा जुटाया जा रहा है।
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प्रशासनिक अधिकािरयों की मदद से जल्द ही ऐसे ही होटलों को चिंहित कर लिया जाएगा जो सुरक्षा के मानक पूरे किए बिना चलाए जा रहे हैं। जल्द ही ऐसे होटल संचालकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। आग लगने पर सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम का जायजा लाने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम जल्द ही शहर के होटलों में भी जाएगी। ऐसे स्थान पर होटल नहीं चलने दिए जाएंगे, जहां पर दमकल की गाड़ी न पहुंच सके।

मुरादाबाद को एक्सपोर्ट नगरी के रूप में भी जाना जाता है, यहां पर बने पीतल के आइटम देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी पसंद किए जाते हैं। यहां के एक्सपोर्टरों को विदेशों तक कारोबार फैला हुआ है। छोटे से लेकर बडे़ व्यापारी विदेश से मुरादाबाद में पीतल और ब्राश के कारोबार से जुडे़ हैं, जिस वजह से उनका मुरादाबाद में आना जाना होता रहता है।

यह लोग मुरादाबाद के होटलों में ठहरते हैं, कई होटल ऐसे हैं जिनमें विदेशी ठहरते हैं लेकिन उनमें भी सुरक्षा के मानक पूरे नहीं हैं। खुद फायर ब्रिगेड के अधिकारियों का दावा है कि शहर में 15 होटल भी ऐसे नहीं है, जिनमें सुरक्षा के मानक पूरे हों। जबकि शहर में गली, गली और बाजारों तक में होटलों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।  

। मुंबई के होटल मोजो में हुए हादसे के बाद रडार पर आए असुरक्षित होटलों के संचालक भी सकते में है। उन्हेें होटल के खिलाफ कार्रवाई का डर सता रहा है। ऐसे में होटल संचालक अब एनओसी पाने के उपाय तलाश रहे हैं, जबकि उनके होटल ऐसी जगह पर हैं। जहां पर आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी तक नहीं पहुंच सकती है।


मुरादाबाद में दस साल के अंदर होटलों का कारोबार तेजी से फैला है, इस दौरान जगह जगह होटल बनाकर कारोबार शुरू किया गया लेकिन फायर ब्रिगेड के अफसर यहां पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने नहीं पहुंचे। यही वजह है कि अब तक शहर में बड़ी संख्या में असुरक्षित होटल बनकर तैयार हो गए हैं। इस दौरान अफसर चुप्पी साधे रहे।
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कुछ होटल संचालक तो ऐसे भी हैं, जिन्होंने एक बार एनओसी प्राप्त की तो दोबारा उसे अपडेट नहीं कराया है।
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